हरियाण के भिवानी से जुड़ा एक बेहद ही अजीबों-गरीब मामला सामने आया है, जिसने लोगों की सोच बदलकर रख दी है। एक पिता की अर्थी को 7 बेटियों ने कांधा देकर मिसाल पेश की है। 

भिवानी। आज के जमाने में लोग बेटा और बेटियों में कोई फर्क नहीं करते। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में हरियाणा के भिवानी क्षेत्र में देखने को मिला। जहां एक पिता को कंधे देने का काम उनकी 7 बेटियों ने किया। ये देखकर सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। ऐसा इसीलिए क्योंकि पुरुष ही अर्थी को कांधा देते हुए दिखाई देते हैं। उनकी 7 बेटियों ने अपने पिता की आखिरी इच्छा को पूरी करने के लिए ये कदम उठाया है। दरअसल 75 साल के उजागर सिंह गांव नंबरदार थे। वो फौज से रिटायर्ड होने के बाद इस पद पर तैनात हुए थे। पिछले कई दिनों से वो बीमार चल रहे थे। एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था, जहां पर उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।

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उजागर सिंह की 7 बेटियां हैं, जिन्होंने अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर एक नया उदाहरण लोगों के बीच पेश किया है। इस मामले में जानकारी देते हुए उनकी बेटी सुमन ने बताया कि उसके पिता ने इस चीज को लेकर अपनी आखिरी इच्छा जताई थी। यहीं वजह है कि सभी बहनों ने मिलकर उनके पिता की अर्थी को कांधा देकर समाज के सामने एक नया उदाहरण पेश किया।

उजागर सिंह की बेटियां है हौनहार

जानकारी के लिए बता दें कि उजागर सिंह की बेटी सुमन हिन्दी प्रधान अध्यापिका है। वहीं, उनकी छोटी बेटी पूनम हरियाणा पुलिस में काम करती है। वहीं, उजागर सिंह की सारी बेटियां मैना, इंदु, बबीता, राजेश और सुनीत भी पढ़ी लिखी है। उनके पिता न्याय काफी पसंद करते थे। वो हमेशा सच्चाई का साथ देने पसंद करते थे। साथ ही देश भक्ति उनके खून में फैलती है। उन्होंने गांव में रहते हुए कई लोगों को न्याय देने का काम किया था। साथ ही जरूरतमंदों की दिल खोलकर मदद भी की थी। उनके जाने का गम केवल बेटियों को नहीं पूरे गांव का रहा था।

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