JJP नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वह हरियाणा में भाजपा की सरकार गिराने में कांग्रेस का साथ देने के लिए तैयार है। सरकार गिराना है या नहीं यह कांग्रेस को सोचना है। 

नई दिल्ली। हरियाणा में 3 निर्दलीय विधायकों द्वारा समर्थन वापस लेने से राज्य की कांग्रेस सरकार खतरे में है। सीएम नायब सैनी की सरकार के पास बहुमत नहीं है। तीनों निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने की बात की है। इस बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नेता दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस का समर्थन करेंगे। भाजपा की सरकार को गिराना है या नहीं यह सोचना कांग्रेस का काम है।

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दुष्यंत चौटाला ने कहा, "भाजपा का दावा है कि वो राज्य में लोकसभा की सभी 10 सीटें जीतेंगे, लेकिन तीन विधायकों के समर्थन वापस लेने से दिख गया है कि बीजेपी कितनी कमजोर है। मैं विपक्ष के नेता (भूपिंदर सिंह हुड्डा) से कहना चाहूंगा कि आज संख्या के गणित के अनुसार यदि चुनाव के दौरान इस सरकार को गिराने के लिए कोई कदम उठाया जाता है तो मैं उन्हें बाहर से समर्थन देने पर विचार करूंगा। अब यह कांग्रेस को सोचना है कि क्या वह भाजपा सरकार को गिराने के लिए कदम उठाएगी।"

जेजेपी नेता ने कहा, "तीन विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। मनोहर लाल खट्टर (करनाल से लोकसभा उम्मीदवार) और रणजीत सिंह (हिसार से उम्मीदवार) ने विधानसभा से इस्तीफा दिया है। इससे उसके पांच विधायक विधानसभा से बाहर हो गए हैं। भाजपा सरकार के पास बहुमत नहीं है। मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। तीनों निर्दलियों ने अपना समर्थन वापस लेने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा है। राज्यपाल आग्रह है कि राज्य सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश दें।"

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हरियाणा में बहुमत के लिए चाहिए 45 विधायकों का समर्थन

हरियाणा विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 90 है। अभी 88 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा 45 है। अक्टूबर 2019 में हरियाणा में विधानसभा के चुनाव हुए थे। कांग्रेस को 90 में से 40 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को 31 सीटों पर जीत मिली थी। जननायक जनता पार्टी को 10 सीटों पर जीत मिली थी। सात निर्दलीय को जीत मिली थी। HaLP और INLD को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। चुनाव के बाद भाजपा और जेजेपी के गठबंधन की सरकार बनी थी। दो महीने पहले बीजेपी ने जेजेपी से नाता तोड़ लिया था।

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