गैंगस्टर अतीक अहमद-अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या करने वाले शूटरों में शामिल अरूण मौर्य के कारनामे से उसके परिजन भी हैरान हैं। तीन शूटरों ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर फायरिंग की थी।

पानीपत। गैंगस्टर अतीक अहमद-अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या करने वाले शूटरों में शामिल अरूण मौर्य के कारनामे से उसके परिजन भी हैरान हैं। तीन शूटरों ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर फायरिंग की थी। उनमें से एक शूटर अरूण मौर्या के दादा मथुरा प्रसाद का कहना है कि जिसकी जेब में 200 रुपये भी नहीं होते थे। वह दूसरों से जेब खर्च मांगता था। उसके पास लाखों रुपये की पिस्टल कहां से आई। मथुरा प्रसाद पानीपत के विकास नगर के रहने वाले हैं।

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अरुण का साथ नहीं देगा परिवार

रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका कहना है कि परिवार भविष्य में अरुण का साथ नहीं देगा और ना ही उसका केस लड़ेगा। अरुण पहली बार जब पिस्तौल के साथ अरेस्ट किया गया था तो परिवार ने उसे जमानत पर छुड़ाया था और हिदायत दी थी कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। इस घटनाक्रम को लेकर परिवार अचरज में है।

पहले दी गई थी चेतावनी

अरुण के परिजनों ने उससे साफ कहा था कि यदि वह दोबारा इस तरह की हरकत करता है तो ​परिवार के लोग उससे अपना नाता तोड़ लेंगे। परिवार उसका साथ कभी नहीं देगा। इसके बावजूद वह नहीं माना। जमानत पर बाहर आने के बाद फिर उसने अपनी आदत नहीं छोड़ी। अपने तीन साथियों के साथ हत्या के केस के गवाहों के साथ मारपीट की। उसके बाद वह दोबारा जेल गया और फिर क्राइम की राह पर चल पड़ा।

दादा ने चेताया था

बताया जा रहा है कि जेल से जब शूटर अरुण मौर्या बाहर आया तो उसके दादा मथुरा प्रसाद ने चेतावनी भी दी थी कि यदि उसने दोबारा मारपीट की या​ फिर वह किसी आपराधिक घटना में शामिल हुआ तो परिवार उससे अपना नाता तोड़ लेगा। जिसका जिम्मेदार वह खुद होगा। अब गैंगस्टर अतीक-अशरफ की हत्या में नाम सामने आया है। बहरहाल, केस की जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा।