हिमाचल प्रदेश के चंबा में रामलीला मंच पर राजा दशरथ का किरदार निभा रहे 70 वर्षीय अभिनेता अमरेश महाजन अचानक मंच पर गिर पड़े। क्या यह उनका आखिरी शो था, या मंच पर ही हुई मौत एक अकल्पनीय घटना बन गई? दर्शक और कलाकार दोनों स्तब्ध और पूरे शहर में गहराया शोक।

हिमाचल प्रदेश के चंबा में रामलीला मंच पर एक सच्ची और दर्दनाक घटना घटी। 70 वर्षीय अभिनेता अमरेश महाजन, जो लगभग 25 वर्षों से चंबा चौगान की रामलीला में अभिनय कर रहे थे, राजा दशरथ का किरदार निभाते हुए मंच पर ही गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमरेश महाजन रामायण में राजा दशरथ या रावण की भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध थे। अपनी उम्र के बावजूद हर साल इस भव्य शो में अभ्यास और प्रदर्शन करते थे। कथित तौर पर उन्होंने आयोजकों से कहा था कि यह उनका आखिरी रामलीला शो होगा। अब यह क्रूर विडंबना सच हो गई।

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मंच पर क्या हुआ?

रामलीला का मंचन लगभग 8.30 बजे रात को जोर-शोर से चल रहा था। राजा दशरथ का किरदार निभा रहे अमरेश महाजन सिंहासन पर बैठे अपने संवाद बोल रहे थे। उनके बाईं ओर एक अभिनेता ऋषि का किरदार निभा रहा था। अचानक, संवाद के दौरान अमरेश महाजन बाईं ओर झुक गए और उनका सिर सह-कलाकार के कंधे पर टिक गया। शुरुआत में सह-कलाकार को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जल्द ही पता चला कि गंभीर समस्या हो गई है। लगभग 10 सेकंड बाद बैकस्टेज टीम मदद के लिए आई। पर्दा गिरा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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क्या यह हादसा एक पुरानी घटना को दोहरा रहा है?

दिल्ली के शाहदरा में भी पिछले साल रामलीला मंचन के दौरान एक अभिनेता की मौत हुई थी। प्रॉपर्टी डीलर सुशील कौशिक, जो भगवान राम का किरदार निभा रहे थे, अपनी पंक्तियाँ बोलते समय छाती पकड़कर मंच से गिर गए थे। क्या यह संकेत है कि उम्र और शारीरिक दबाव के कारण रामलीला जैसे भव्य मंच पर अभिनय जोखिम भरा हो सकता है?

अमरेश महाजन का योगदान और अंतिम प्रदर्शन

अमरेश महाजन ने अपनी कला और समर्पण से दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने मंच पर जीवन की भूमिका निभाई और अपने अभिनय से रामलीला को और भी जीवंत बना दिया। उनका अंतिम शो दर्शकों और कलाकारों के लिए भावनात्मक अनुभव बन गया। स्वप्न महाजन, श्री रामलीला क्लब के अध्यक्ष, ने कहा: “मंच पर उनकी अचानक मृत्यु से हम सभी स्तब्ध हैं। वह अपने समय के महान कलाकार थे।”

क्या हमने एक युग खो दिया?

अमरेश महाजन की मृत्यु न केवल रामलीला प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे चंबा जिले के लिए एक बड़ा झटका है। उनका मंच पर समर्पण और कला के प्रति प्यार सदैव याद रखा जाएगा। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना नाजुक और अनिश्चित है, और हर कलाकार का मंच पर योगदान अमूल्य होता है।

क्या रामलीला का मंच सुरक्षित है?

दिल्ली के शाहदरा में पिछले साल भी रामलीला मंच पर भगवान राम का किरदार निभा रहे एक अभिनेता की अचानक मृत्यु हो चुकी है। यह सवाल उठता है कि क्या बड़े उम्र के कलाकारों के लिए मंच पर पर्याप्त सुरक्षा और मेडिकल सपोर्ट है या नहीं।