मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मुजफ्फरपुर से गुजरात जा रही सूरत एक्सप्रेस(19054) में एक महिला पैसेंजर के साथ रेप की कोशिश का मामला मीडिया की सुर्खियों में है। 5 बदमाशों ने रेप में नाकाम होने पर महिला और उसके एक रिश्तेदार को चलती ट्रेन से फेंक दिया था।  

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मुजफ्फरपुर से गुजरात जा रही सूरत एक्सप्रेस(19054) में एक महिला पैसेंजर के साथ रेप की कोशिश का मामला मीडिया की सुर्खियों में है। 5 बदमाशों ने रेप में नाकाम होने पर महिला और उसके एक रिश्तेदार को चलती ट्रेन से फेंक दिया था। हालांकि वो अब उसका पति बता रहा है। दिल दहलाने वाला यह अपराध 19 जून की रात 11.30 बजे हुआ था। यह अपराध ग्वालियर-बिलौआ के बीच हुआ था। अस्पताल में भर्ती महिला ने मीडिया को बताया पूरा घटनाक्रम....

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सूरत एक्सप्रेस में महिला पैसेंजर से रेप की नाकाम कोशिश, चलती ट्रेन में अपराध, पढ़िए 10 बड़ी बातें

1.बिलौआ थाना प्रभारी रमेश शाक्य के मुताबिक ट्रेन नंबर 19054 सूरत एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से चलकर लखनऊ, ग्वालियर, गुना, रतलाम होते हुए सूरत के लिए निकली थी। यह ट्रेन ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर शाम 6.31 बजे पहुंचती है।

2. 19 जून की रात यानी घटना वाले दिन ट्रेन लेट थी। 32 साल की पीड़ित महिला झारखंड के पलामू जिले के चटकऊ गांव के रहने वाले अपने 22 साल के एक रिश्तेदार मुकेश के यहां लखनऊ आई थी। दोनों लखनऊ से गुजरात के लिए निकले थे।

3. पीड़िता के अनुसार, ट्रेन ग्वालियर रेलवे स्टेशन से 10 से 15 किलोमीटर आगे बढ़ी होगी, तभी ट्रेन में 5 लोग चढ़े। वे महिला की फ्रंट वाली सीट पर बैठ गए। कुछ देर बाद वे महिला का वीडियो शूट करने लगे। रोकने पर बदतमीजी पर उतर आए।

4. जब बदमाशों की हरकतें नहीं रुकीं, तो दोनों उठकर गेट पर जाकर खड़े हो गए। आरोपी यहां भी आ धमके और अभद्रता करने लगे। आरोपी महिला की साड़ी खींचने लगे। फिर विरोध करने पर धक्का दे दिया।

5. महिला का रिश्तेदार एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। वो किसी काम के सिलसिले में लखनऊ आया था। यहां से दोनों का प्लान गुजरात जाने का था।

6. 19 जून की दोपहर उनकी ट्रेन छूट गई थी। लिहाजा उन्हें सूरत एक्सप्रेस में जनरल कोच में चढ़ना पड़ा। यह ट्रेन रात करीब 10 बजे ग्वालियर पहुंची थी।

7. पीड़ित के रिश्तेदार मुकेश ने बताया कि उसने पटरियों पर पड़ी महिला को फटे कपड़े में लपेटा और फिर गोद में उठाकर मदद के लिए आगे बढ़ना शुरू किया। वहां जंगल था, इसलिए जंगली जानवरों का भी डर था।

8. करीब 20-25 मिनट बाद वो एक गांव में पहुंचा। उस समय बारिश हो रही थी। हालांकि गांव के लोग जाग रहे थे। लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इसके बाद वो सड़क की तरफ चल पड़ा।

9. कुछ किलोमीटर दूर वे एक अन्य गांव पहुंचे। यहां एक बुजुर्ग दम्पति ने उनकी मदद की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। हॉस्पिटल में करीब 10 घंटे चले इलाज के बाद महिला को होश आया है।

10. महिला ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। पति और बच्चे झारखंड में रहते हैं। हालांकि मुकेश ने पहले खुद को रिश्तेदार बताया था, लेकिन पुलिस थाने में दर्ज FIR और ग्वालियर के जयारोग्य हॉस्पिटल के सरकारी रिकॉर्ड में खुद को पति बताया।

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