सीधी में बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए CM मोहन यादव ने किसानों से नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण अपनाकर आमदनी बढ़ाने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से खेती को बदलते समय के साथ आधुनिक बनाने और आय के नए विकल्प तलाशने की अपील की है। 23 सितंबर को सीधी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसान नई कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीअन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योग किसानों के लिए अतिरिक्त आय के रास्ते खोल सकते हैं। उन्होंने सीधी को मिलेट उत्पादन में अग्रणी बताते हुए कहा कि यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं और स्थानीय संस्कृति से भी जुड़ी हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान चंद्रेह शिव मंदिर में विराजमान बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन भी किया।
MP Agriculture: सीधी में रागी और कोदो की खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीधी में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए करीब 2 हजार हेक्टेयर में रागी और लगभग 2,500 हेक्टेयर में कोदो की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ मिलेट का उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ना है। इससे कृषि उपज की वैल्यू बढ़ाने और किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार करने में मदद मिल सकती है।
Sidhi Development: खेती के साथ पर्यटन और हथकरघा भी अहम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी की कृषि क्षमता के साथ यहां की जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, प्रकृति और लोक कला का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीधी की अर्थव्यवस्था में खेती-किसानी के अलावा पंजा दरी और कालीन बुनाई की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। पंजा दरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दरी और कालीन जैसे हथकरघा उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
Modern Farming: सीधी के किसान अपना रहे नई तकनीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी के किसान खेती में नए प्रयोग और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के अलावा फल और सब्जियों का उत्पादन भी हो रहा है। उन्होंने टमाटर उत्पादन में सीधी की पहचान का जिक्र किया। इसके साथ ही प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों तथा कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद और कलमी नींबू जैसी फसलों में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों से पानी की बचत के साथ फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।
Farmers Electricity: किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने किसानों से कृषि ऋण की अदायगी अपनी सुविधा के अनुसार करने की बात भी कही। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए समय रहते पंजीयन करा लें।
Mahua Products: महिला समूहों ने कमाए 13 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने सीधी के महिला समूहों के काम की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने महिला उद्यमियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कृषि के साथ स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण को आय का अतिरिक्त माध्यम बनाने पर जोर दिया।
Dairy Farming: किसानों से दुग्ध उत्पादन से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन और पशुपालन से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि खेती के साथ अतिरिक्त गतिविधियों को अपनाने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए स्रोत तैयार हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का भी आह्वान किया।
CM Mohan Yadav: 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।


