देवास शराब कांड में टीआई दिलीप पुरी की मौत के बाद मोहन यादव सरकार सख्त। आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, परिवार को 1 करोड़ और पत्नी को नौकरी देने का ऐलान।
भोपाल। देवास में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान थाना प्रभारी (टीआई) दिलीप पुरी की मौत के मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में सक्रिय अवैध शराब कारोबार, ड्रग्स माफिया और संगठित अपराधों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। थाना प्रभारी को वाहन से कुचलने की घटना में शामिल आईसर ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत ने पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भागने की कोशिश की। इस दौरान देवास के पास बरोठा थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई, जिसमें शॉर्ट एनकाउंटर की कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें पांच जिलों में फैले अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क को खत्म करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और तस्करी पर लगाम लगाने की रणनीति तैयार की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
MP News: देवास शराब कांड के बाद मोहन यादव सरकार का बड़ा एक्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवास में सामने आए अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क की गहराई से जांच की जाए। यह नेटवर्क पांच जिलों में फैला हुआ बताया जा रहा है। इसके सभी कनेक्शन खंगालकर कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए पूरे प्रदेश में एक साथ अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही ऐसा मजबूत मैकेनिज्म तैयार किया जाए, जिससे इस तरह के संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
Drug Mafia Action: 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2029 तक ड्रग्स माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का जो संकल्प लिया है, उसी के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। पुलिस अधिकारियों को इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सफलता हासिल की है। निर्धारित समय-सीमा में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने में कामयाबी मिली। अब इसी तरह ड्रग्स माफिया और संगठित अपराधों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों के साथ-साथ इस नेटवर्क को संरक्षण देने या इसमें सहयोग करने वाले लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
Dewas TI Dilip Puri: शहीद टीआई के परिवार को एक करोड़ रुपये और पत्नी को मिलेगी नौकरी
देवास में अवैध शराब पकड़ने के दौरान जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार को मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी पत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिलीप पुरी ने ड्यूटी के दौरान साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का परिचय दिया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार इस मुश्किल समय में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के बाद सरकार की ओर से मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को मौके पर भेजा गया था। स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को भी जरूरी निर्देश दिए गए थे। वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी दिलीप पुरी के पिता से फोन पर बात की और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
Rahul Jaiswal Arrest: अवैध शराब कारोबार का सरगना राहुल जायसवाल पुलिस की गिरफ्त में
देवास शराब कांड की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अवैध शराब कारोबार के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। शराब की तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। जांच के दौरान वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत और ट्रक उपलब्ध कराने वाले किरण सिंह चंदोड की भूमिका सामने आई है। इसके अलावा केरल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जिले से अवैध शराब रवाना हुई थी, वहां के सहायक जिला अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की समीक्षा करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जांच सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहे, बल्कि शराब तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और उसके पीछे काम कर रहे लोगों की पहचान की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
Dewas Police Encounter: पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश, आईसर चालक का शॉर्ट एनकाउंटर
देवास शराब तस्करी मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी दिलीप पुरी को आईसर वाहन से कुचलने की घटना में शामिल वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस की हिरासत से भागने का प्रयास किया। इसके बाद देवास के पास बरोठा थाना क्षेत्र में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर की कार्रवाई की। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
MP Illegal Liquor Smuggling: पांच जिलों में फैले नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी
देवास की घटना ने मध्यप्रदेश में अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शराब के अवैध परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े सभी ठिकानों की पहचान की जाए। पांच जिलों में फैले नेटवर्क के हर कनेक्शन की जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार का कहना है कि पुलिस को जरूरी संसाधन और प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा, ताकि अवैध शराब कारोबार, ड्रग्स माफिया और संगठित अपराधों पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाई जा सके।






