सीएम मोहन यादव ने छिंदवाड़ा के मक्के और स्वीट कॉर्न को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी बताई। सिंचाई क्षमता भी 54% करने का लक्ष्य है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा को प्रदेश की 'कॉर्न सिटी' के रूप में जाना जाता है। यहां का स्वीट कॉर्न देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। राज्य सरकार अब छिंदवाड़ा के मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी उपज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नया बाजार तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जिले के मक्के की गुणवत्ता और स्वाद को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को छिंदवाड़ा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले की कृषि संभावनाओं, किसानों की मेहनत और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की धरती जनजातीय भाई-बहनों के परिश्रम और उनकी समृद्ध परंपराओं से पहचानी जाती है। यहां के मेहनती किसानों ने कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
Chhindwara Corn City: स्वीट कॉर्न को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा सिर्फ मक्का उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि श्रीअन्न और फूलों की खेती के लिए भी जाना जाता है। यहां के संतरे को जीआई टैग मिलने से जिले को एक अलग पहचान मिली है। अब छिंदवाड़ा के मक्के और स्वीट कॉर्न को भी बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और मार्केट लिंकेज की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और सही समय पर बेहतर कीमत हासिल करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि छिंदवाड़ा के मक्के की गुणवत्ता और स्वाद की पहचान देश-दुनिया के बाजारों में बने। इसके लिए मक्का उत्पादक किसानों को जरूरी सुविधाएं देने के साथ उनकी उपज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बाजार तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
Chhindwara Irrigation Project: सिंचाई क्षमता 29 से बढ़कर 54 प्रतिशत होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खेती के साथ उद्यानिकी को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र की तरक्की के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद छिंदवाड़ा जिले की सिंचाई क्षमता मौजूदा 29 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो जाएगी। इससे जिले के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि किसान केवल कच्ची उपज बेचने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद भी उसका प्रसंस्करण कर सकें। इससे उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
PMFME Scheme: छिंदवाड़ा के 122 हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से किसानों और छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को सुविधाएं दी जा रही हैं। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ दिलाना है।
उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा जिले के 122 हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार चाहती है कि किसान अपनी उपज का मूल्य बढ़ाने के लिए प्रसंस्करण की दिशा में भी आगे आएं। इससे कृषि आधारित छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकेंगे।
Crop Diversification: फसल विविधीकरण अपनाकर आमदनी बढ़ाएं किसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाई-बहनों से खेती में नए प्रयोग करने और फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों और गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनसे उन्हें बेहतर आमदनी मिल सके। उन्होंने किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण और बेहतर मार्केटिंग के जरिए बड़े बाजारों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेती में नवाचार और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Balram Krishi Mahotsav: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से वर्चुअली किया संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में मौजूद कई प्रगतिशील किसानों से वर्चुअली बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने किसानों के खेती से जुड़े अनुभवों और उनके द्वारा अपनाई जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने किसान पूरनलाल इनवाती से प्राकृतिक और समन्वित खेती को लेकर चर्चा की। वहीं, प्रवेश रघुवंशी से कृषि यंत्रीकरण के जरिए नरवाई प्रबंधन के बारे में जानकारी ली।
इसी क्रम में सुषमा शर्मा से देसी गाय पालन और गुरु प्रसाद पवार से आलू एवं स्वीट कॉर्न के क्षेत्र में उनके द्वारा संचालित गतिविधियों पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रयासों की जानकारी लेते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। छिंदवाड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन मौजूद रहे।






