मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 44वें और 45वें बैच के डीएसपी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया की रील बनाने के बजाय लोगों की असली समस्याएं सुलझाने पर ध्यान देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करने पर ध्यान देना चाहिए। डाकुओं और नक्सलवाद के बाद अब पुलिस के सामने ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने की चुनौती है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2029 तक प्रदेश को नशे की समस्या से मुक्त किया जाए।
मुख्यमंत्री मंगलवार को भोपाल के भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 44वें और 45वें बैच के डीएसपी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया। ट्रेनिंग पूरी करने वाले कुल 48 नए पुलिस अधिकारियों में 20 महिलाएं भी शामिल हैं।
2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पहले डाकुओं और फिर नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। चंबल और रीवा क्षेत्र में डाकुओं का सफाया करना पुलिस की बड़ी सफलता रही है। अब प्रदेश से नक्सलवाद भी खत्म हो चुका है। पुलिस ने तय समय से पहले इस लक्ष्य को हासिल कर अपनी ताकत साबित की है।
उन्होंने नए अधिकारियों से कहा कि अब ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने के लिए गंभीरता से काम करना होगा। साल 2029 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी है। कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए पुलिस अधिकारी मददगार बनें, ताकि समाज के हर वर्ग में उनका सम्मान हो।
पुलिस अकादमी को मिलेंगी नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस अकादमी में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड बनाने की घोषणा की।
इसके साथ ही नक्सल विरोधी अभियान में बेहतर काम करने वाले 63 पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगी।
17 हजार से ज्यादा पदों पर हुई भर्ती
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन साल में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती की गई है। सरकार का लक्ष्य कुल 22,500 पदों पर भर्ती करने का है।
वहीं, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि इस बैच में पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी को भी ट्रेनिंग दी गई है। 22 प्रशिक्षु इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध और युवाओं में बढ़ता नशा पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए पुलिस को तकनीक और जागरूकता दोनों स्तरों पर काम करना होगा।






