Madhya Pradesh Farmers: मध्यप्रदेश के किसानों को खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में फूड पार्क बनाने, धान उपार्जन पंजीयन की तारीख 4 नवंबर तक बढ़ाने और किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत कृषि विकास पर जोर दिया।

मध्यप्रदेश में किसानों को खेती-किसानी के कामों के लिए अब दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ फसल विविधीकरण और कृषि उत्पादों का बेहतर दाम दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मंत्रालय से सिवनी जिले की सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों के लिए दिन में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, धान उपार्जन के पंजीयन की बढ़ाई गई तारीख और सिवनी में फूड पार्क की स्थापना को लेकर अहम बातें कहीं।

सीएम ने कहा कि रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे लगातार बिजली मिलने से किसानों को रात में खेतों की सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी। इसके साथ ही धान खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 4 नवंबर तक बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।

MP Farmers News: किसानों को दिन में 10 घंटे मिलेगी बिजली, रात में सिंचाई से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, खेती में विविधता लाने और कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इन दिनों प्रदेश के किसानों को खेती-किसानी के कामों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए यह व्यवस्था किसानों के लिए काफी मददगार होगी। अब किसानों को रात के समय खेतों में जाकर सिंचाई करने की परेशानी से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का उद्देश्य किसानों को खेती के लिए सुविधाजनक माहौल देना है। सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा कर रही है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार फैसले ले रही है।

Paddy Procurement MP: धान खरीदी के लिए 4 नवंबर तक करा सकेंगे पंजीयन

मुख्यमंत्री ने धान उपार्जन को लेकर भी किसानों को राहत देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर देना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पंजीयन की समय सीमा समाप्त होने के कारण कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी व्यवस्था से बाहर न रह जाए। सीएम ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र किसानों का पंजीयन समय पर हो और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Seoni Food Park: सिवनी में जल्द स्थापित होगा फूड पार्क, किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर दाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी जिले की कृषि और स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिले का जीराशंकर चावल अपनी खास सुगंध और स्वाद के कारण अलग पहचान रखता है। इसी तरह बड़े आकार और मिठास के लिए प्रसिद्ध सिवनी का जंबो सीताफल भी जिले की खास पहचान बन रहा है।

सिवनी में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की खेती भी बड़े स्तर पर होती है। इन उत्पादों के बेहतर उपयोग और किसानों को अधिक लाभ दिलाने के लिए सरकार स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना चाहती है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सिवनी में जल्द ही फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे किसानों की उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किया जा सकेगा और उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

फूड पार्क की स्थापना से कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही जिले में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय स्तर पर उद्योग विकसित होने से किसानों और युवाओं दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सीएम ने जिले के जेवनारा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मत्स्य बीज उत्पादन के माध्यम से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में यह केंद्र महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

MP Kisan Kalyan Year 2026: खेती के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन पर भी जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाना और किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोतों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। इससे किसान बाजार की मांग के अनुसार फसलें उगा सकेंगे। साथ ही खेती में होने वाले जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखने के बजाय इससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के परिश्रम और मेहनत के कारण ही मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को खेती के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी कमाई के अवसर मिलें, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।

Mukhyamantri Registry Yojana: 60 लाख ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का पक्का अधिकार

बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र लोगों को अधिकार अभिलेख और रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को उनकी पट्टे की संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री दिलाने के लिए राज्य सरकार अपने खजाने से 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

उन्होंने कहा कि संपत्ति की विधिवत रजिस्ट्री मिलने से ग्रामीण परिवारों को अपनी जमीन और मकान पर पक्का अधिकार मिलेगा। वे अपनी संपत्ति का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेकर अपने कारोबार और दूसरी आर्थिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार का मानना है कि संपत्ति का कानूनी अधिकार मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसके साथ ही गांवों में स्वरोजगार, छोटे कारोबार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

CM Sugam Parivahan Seva: ग्रामीणों के लिए फिर शुरू हुई शासकीय सुगम बस सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसके तहत शासकीय सुगम बस सेवा दोबारा शुरू कर दी गई है। इस सेवा का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा देना है। बस सेवा के दोबारा शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन के अधिक सुलभ साधन उपलब्ध होंगे। इससे लोगों को रोजमर्रा के काम, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए आने-जाने में मदद मिलेगी।

Balram Krishi Mahotsav Seoni: उन्नत खेती करने वाले किसानों का CM ने बढ़ाया उत्साह

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों को नई जानकारियों, आधुनिक तकनीकों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से जोड़ने का अच्छा माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से भी खेती-किसानी में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाकर कृषि को रोजगार का प्रभावी माध्यम बना सकते हैं। कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद भारती पारधी, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक यानी अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव और सिवनी विधायक दिनेश राय ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में नवाचार करने वाले अग्रणी किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। इन किसानों ने खेती में अपनाई जा रही नई तकनीकों और अपने प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

Modern Farming: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत फसल उत्पादन के बारे में जानकारी देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती की पद्धतियों, बेहतर उत्पादन और कृषि से जुड़ी दूसरी गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। इसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी जानकारी को बढ़ाना था। महोत्सव में विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन सहित कई विभागों की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई।

किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता, मिलने वाली सुविधाओं और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। इस तरह बलराम कृषि महोत्सव किसानों के लिए नई तकनीक सीखने, सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और दूसरे किसानों के अनुभव जानने का महत्वपूर्ण मंच बना।