नलखेड़ा में 85.40 करोड़ रुपये से मां बगलामुखी देवी लोक बनेगा। CM मोहन यादव ने भूमि-पूजन किया। मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा।

भोपाल। मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर में भव्य मां बगलामुखी देवी लोक का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इस परियोजना के पहले चरण का भूमि-पूजन किया। करीब 85.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले देवी लोक में मंदिर के मुख्य शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी। इसके अलावा यज्ञशालाएं, गौशाला, मंदिर कॉरिडोर, भव्य प्रवेश द्वार, पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में मां बगलामुखी देवी लोक धार्मिक आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा। देश और दुनिया से नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी का धाम भी उज्जैन के महाकाल लोक की तरह भव्य स्वरूप में विकसित होगा।

नलखेड़ा में मां बगलामुखी देवी लोक का भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के नलखेड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देवी लोक परियोजना के पहले चरण के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गैंती चलाकर निर्माण कार्य की शुरुआत भी की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से परियोजना के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं आगर-मालवा जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान, विधायक भैरव सिंह बापू और पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह ने मां बगलामुखी देवी की तस्वीर और पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

85.40 करोड़ रुपये से विकसित होगा मां बगलामुखी देवी लोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि नलखेड़ा में मां बगलामुखी की महिमा अद्भुत है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि देवी लोक के पहले चरण में 85.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराए जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उज्जैन में श्रीमहाकाल लोक का लोकार्पण किए जाने के बाद मालवांचल में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। अब नलखेड़ा में मां बगलामुखी देवी लोक के विकास कार्यों को गति दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बैजनाथ का धाम भी भव्य स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इसी तरह मां बगलामुखी का धाम भी आकर्षक और सुविधायुक्त बनाया जाएगा।

नलखेड़ा में सड़क, बायपास और पुल से सुधरेगी कनेक्टिविटी

मां बगलामुखी देवी लोक के साथ क्षेत्र में आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नलखेड़ा आने वाले मार्गों पर जहां जरूरत होगी, वहां पुलिया और सड़कों को चौड़ा किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि आमला से नलखेड़ा तक 55 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से करीब 14 किलोमीटर लंबा नया बायपास बनाया जा रहा है। इस नए फोरलेन मार्ग से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा लखुंदर नदी पर 13.77 करोड़ रुपये की लागत से नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को नदी पार करने और मंदिर तक पहुंचने के लिए सुरक्षित एवं सुगम रास्ता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मां बगलामुखी देवी लोक में बनेंगे भव्य घाट और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 से अधिक धार्मिक स्थलों को दिव्यलोक के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। इस योजना में ओरछा, उज्जैन का महाकाल लोक, ओंकारेश्वर का एकात्म धाम और चित्रकूट धाम जैसे धार्मिक स्थल शामिल हैं। नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारों पर सुंदर और भव्य घाट बनाए जाएंगे। मंदिर परिसर और पार्किंग क्षेत्र का विस्तार भी किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सुथरे शौचालय, पक्की सड़कें और अतिथियों के लिए प्रोटोकॉल भवन बनाया जाएगा। धर्मशालाओं में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इन विकास कार्यों का उद्देश्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, सुगम आवागमन और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे नलखेड़ा में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सोयाबीन किसानों को मिलेगा करीब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल का दाम: CM मोहन यादव

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की स्थिति और सोयाबीन की फसल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी के आशीर्वाद से इस वर्ष अलनीनो का प्रभाव कम रहा और अच्छी बारिश के कारण सोयाबीन की फसल अच्छी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल किसानों को सोयाबीन की उपज पर लगभग 7,000 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिलेगा। यह बात उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण में क्या-क्या बनेगा?

करीब 85.40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण में मंदिर परिसर के निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परियोजना के प्रमुख निर्माण कार्य इस प्रकार हैं:

  • 108 फीट ऊंचा मंदिर शिखर: मुख्य मंदिर के शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी। मंदिर का निर्माण करीब 2,800 वर्गमीटर क्षेत्र में किया जाएगा। इसमें गर्भगृह, ऊपरी संरचना और पत्थर की क्लैडिंग का काम शामिल है।
  • 220 यज्ञशालाएं: धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक यज्ञों के आयोजन के लिए 220 यज्ञशालाओं का विकास किया जाएगा।
  • गौशाला का निर्माण: परिसर में 625 वर्गमीटर क्षेत्र में गौशाला बनाई जाएगी।
  • मंदिर कॉरिडोर और प्रांगण: श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कॉरिडोर तथा मंदिर प्रांगण का विकास किया जाएगा।
  • वीवीआईपी भवन: विशिष्ट अतिथियों के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त भवन बनाया जाएगा।
  • चार भव्य प्रवेश द्वार: मंदिर परिसर में चार मुख्य प्रवेश द्वारों का निर्माण होगा। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में बाउंड्री वॉल भी बनाई जाएगी।
  • पार्किंग और शौचालय: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारपहिया वाहनों और बसों की पार्किंग के साथ शौचालय ब्लॉक बनाए जाएंगे।
  • हरित क्षेत्र और सौंदर्यीकरण: परिसर में उद्यान, हरित क्षेत्र और लैंडस्केपिंग के साथ समग्र भूमि विकास का काम किया जाएगा।
  • बुनियादी सुविधाएं: आंतरिक और बाहरी विद्युत व्यवस्था, फसाड लाइटिंग, बाहरी प्लंबिंग, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं का विकास किया जाएगा।

इन निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुविधायुक्त स्वरूप देने की योजना है। देवी लोक परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।