राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गुल्लक गिफ्ट करने वाले सीहोर के कारोबारी मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा की आत्महत्या ने ईडी की कार्रवाई और मानसिक दबाव के आरोपों के बीच सवाल खड़े किए हैं। जानें पूरी घटना और कांग्रेस-भाजपा के आरोप-प्रत्यारोप।

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब कारोबारी मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा परमान का शव घर में फंदे पर लटका पाया गया। बताया जा रहा है कि 8 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके इंदौर और सीहोर स्थित 4 ठिकानों पर छापा मारा था। ईडी की इस कार्रवाई में कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और साढ़े तीन लाख रुपए का बैंक बैलेंस फ्रीज किया गया था।

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ED कार्रवाई से परेशानी का आरोप

मनोज परमार पर पंजाब नेशनल बैंक में 6 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का आरोप था, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उनके बेटे जतिन का कहना है कि ईडी की कार्रवाई ने उनके माता-पिता को मानसिक दबाव में डाल दिया था, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।

पांच पेज का सुसाइड नोट बरामद

घटना स्थल से पुलिस को पांच पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आत्महत्या के कारणों का जिक्र हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसके बारे में खुलासा नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' से चर्चा में आए थे

मनोज परमार उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनकी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान गुल्लक भेंट की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इसके बाद से ही वे भाजपा के निशाने पर थे।

कांग्रेस ने बताया 'सरकारी हत्या'

कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने इस घटना को 'सरकारी हत्या' करार दिया। पटवारी ने कहा कि ईडी और भाजपा की साजिशों के चलते यह हादसा हुआ है। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

भाजपा का पलटवार

भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मनोज परमार कांग्रेस के समर्थक थे और उनकी 'गुल्लक टीम' भ्रष्टाचार की आड़ में काम कर रही थी। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को जायज ठहराया।

भविष्य में क्या होगा?

इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। जहां कांग्रेस इसे सरकारी प्रताड़ना का नतीजा बता रही है, वहीं भाजपा इसे ईडी की कानूनी कार्रवाई का हिस्सा मान रही है। अब देखना होगा कि मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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