मध्यप्रदेश किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व में 165 किसानों का चयन हुआ। विजेताओं को 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट और 55 ई-स्कूटर मिलेंगे। जानें जिलेवार सूची।
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए आयोजित ‘किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व’ के तहत 165 विजेता किसानों का चयन कर लिया गया है। 27 अक्टूबर 2026 को चयन समिति ने लॉटरी के माध्यम से प्रदेश के सभी 55 जिलों से विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर दिए जाएंगे। सभी विजेताओं को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
यह पहल मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास और किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की संयुक्त कोशिश है। इसका उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और कृषि विकास के साथ किसान सम्मान को भी जनभागीदारी से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भोपाल जिले के विजेता किसानों को पुरस्कार प्रदान करेंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में संदीप वर्मा को ट्रैक्टर, दूसरे पुरस्कार के रूप में सुहानी राजपूत को बुलेट मोटरसाइकिल और तीसरे पुरस्कार के रूप में समीर गौड़ को ई-स्कूटर दिया जाएगा। बाकी जिलों में प्रभारी मंत्री विजेता किसानों को पुरस्कार वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुरस्कारों की संख्या और स्वरूप को देखते हुए यह प्रतियोगिता देश में अपने तरह की पहली और सबसे बड़ी पहल है।
किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व: 55 जिलों के किसानों को मिलेंगे 165 पुरस्कार
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों को शामिल किया गया। हर जिले से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए तीन-तीन विजेताओं का चयन किया गया है। इस तरह कुल 165 किसानों को पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कारों में 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर शामिल हैं। प्रत्येक जिले के प्रथम स्थान के विजेता को ट्रैक्टर, दूसरे स्थान के विजेता को बुलेट मोटरसाइकिल और तीसरे स्थान के विजेता को ई-स्कूटर दिया जाएगा। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पुरस्कार वितरित करेंगे, जबकि दूसरे जिलों में संबंधित प्रभारी मंत्री विजेताओं को सम्मानित करेंगे। सभी चयनित किसानों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं।
ऑनलाइन किसान क्विज प्रतियोगिता में 40 हजार से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा
श्रीराम तिवारी ने बताया कि किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के तहत ऑनलाइन जागरूकता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन 29 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक किया गया था। इसमें किसानों के कल्याण, कृषि विकास और सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे गए।
प्रतियोगिता में कुल 24 बहुविकल्पीय प्रश्न थे। इन्हें हल करने के लिए प्रतिभागियों को 24 मिनट का समय दिया गया था। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक निर्धारित था। गलत जवाब देने या किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देने पर कोई अंक नहीं काटा गया। प्रतिभागियों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को मान्य किया गया।
इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में लगभग 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया। इनमें से 15,298 प्रतिभागियों ने सभी 24 प्रश्नों के सही उत्तर दिए और उन्हें अंतिम मेरिट सूची में शामिल किया गया। मेरिट सूची में 13,091 पुरुष, 2,201 महिलाएं और छह अन्य प्रतिभागी शामिल हैं। आयु वर्ग के लिहाज से देखें तो 108 प्रतिभागियों की उम्र 18 वर्ष तक, 9,408 प्रतिभागियों की उम्र 19 से 40 वर्ष के बीच और 5,782 प्रतिभागियों की उम्र 40 वर्ष से अधिक है।
मध्यप्रदेश के 55 जिलों के प्रथम स्थान वाले किसान विजेताओं की सूची
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सभी जिलों के प्रथम स्थान के विजेताओं का चयन किया गया है। जिलेवार सूची इस प्रकार है:
- भोपाल: संदीप वर्मा
- श्योपुर: विपिन रावत
- मुरैना: रामजी लाल धाकड़
- भिंड: जगमोहन बघेल
- ग्वालियर: कृष्णा रावत
- शिवपुरी: उमेश कुमार लोधी
- गुना: अंगूरी अग्रवाल
- अशोकनगर: उपेन्द्र यादव
- दतिया: जितेन्द्र अहिरवार
- देवास: मनोहर पंवार
- रतलाम: जितेंद्र गुर्जर
- शाजापुर: तेजकुँवर बाई परमार
- आगर मालवा: पवन कुमार
- मंदसौर: खुमान सिंह
- नीमच: जुगल गरासिया
- उज्जैन: रोहित अंजना
- इंदौर: जितेन्द्र मौर्य
- धार: किशोर यादव
- अलीराजपुर: कलम सिंह डुडवे
- झाबुआ: नरेन्द्र पोरवाल
- खरगोन: श्याम पाटीदार
- बड़वानी: राकेश सस्ते
- खंडवा: विनोद पंवार
- बुरहानपुर: पवन गढ़वे
- सीहोर: हर्ष यादव
- रायसेन: सतमेश बघेल
- राजगढ़: नवीन मीणा
- विदिशा: प्रसेन सिंह
- बैतूल: कमरजा काले
- नर्मदापुरम: वीरेन्द्र लोवंशी
- हरदा: कपिल जाट
- सागर: जयहिंद राजपूत
- दमोह: संध्या जैन
- पन्ना: श्री कृष्ण पटेल
- छतरपुर: जसवंत सिंह
- टीकमगढ़: अखलेश यादव
- निवाड़ी: राजेन्द्र कुमार कुशवाहा
- जबलपुर: अनिल पटेल
- कटनी: राजाराम पटेल
- नरसिंहपुर: अरविंद कुमार मेहरा
- छिंदवाड़ा: चंद्रा चंद्रवंशी
- पांढुर्ना: लक्ष्मीकांत किंकर
- सिवनी: विकास पंचेश्वर
- मंडला: शालू बड़गैयां
- डिंडौरी: विकास ठाकुर
- बालाघाट: दिवला पटले
- रीवा: संतोष द्विवेदी
- सिंगरौली: आशीष सिंह
- मऊगंज: दिनेश कुशवाहा
- शहडोल: ब्रजराज सिंह जोधावत
- अनूपपुर: चंदन सिंह
- उमरिया: राम प्रमोद गुप्ता
- सीधी: प्रांशु गुप्ता
- सतना: विद्या सोनी
- मैहर: कृष्णा तिवारी
इनके अलावा प्रत्येक जिले में द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं का भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चयन किया गया है। विजेताओं के नाम आधिकारिक वेबसाइट quiz.veerbharatnyas.com/vijeta पर अपलोड कर दिए गए हैं। किसान अपनी जिलेवार विजेता सूची वेबसाइट पर देख सकते हैं।
किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य: योजनाओं की जानकारी और किसान सम्मान
श्रीराम तिवारी ने कहा कि किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ कृषि विकास और किसान सम्मान को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के जरिए किसानों को कृषि और किसान कल्याण से जुड़े विषयों पर अपनी जानकारी परखने का अवसर मिला। सभी 24 प्रश्नों में पूरे अंक हासिल करने वाले प्रतिभागियों की जिलेवार मेरिट सूची तैयार की गई। इसके बाद चयनित विजेताओं का निर्धारण लॉटरी के माध्यम से किया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसान कल्याण की भावना को खेत-खेत तक पहुंचाना और किसानों को सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है। पुरस्कारों के जरिए कृषि क्षेत्र में किसानों के योगदान को सम्मानित करने के साथ खेती-किसानी के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने की कोशिश भी की जा रही है।
किन विभागों ने मिलकर आयोजित किया किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व?
किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत इस प्रतियोगिता का आयोजन संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास, संस्कृति संचालनालय और जनसंपर्क विभाग ने किया। इसमें किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी का सहयोग रहा।
आयोजन के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी को किसानों तक पहुंचाने, कृषि से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने और किसानों को सम्मानित करने का प्रयास किया गया है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर होने वाला पुरस्कार वितरण इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।






