मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 32,070 करोड़ रु. से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी। इसमें किसानों के लिए 'कवच योजना', खेल व स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार और जनजातीय शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान देना जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में जनकल्याण और विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कुल 32,070 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें किसानों के लिए 'कवच योजना', खेल अधोसंरचना का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, स्टेट डाटा सेंटर का उन्नयन और जनजातीय शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।

5 हजार किसानों को मिलेगी 'कवच योजना' का लाभ

  • कैबिनेट ने सहकारिता विभाग की 'कवच योजना' को मंजूरी दी। यह योजना उन लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खातों में गड़बड़ी होने और जांच लंबित रहने के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
  • योजना के तहत ऐसे किसानों को दोबारा मुख्यधारा से जोड़ते हुए नया ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक 50 करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाएंगे, जबकि राज्य सरकार 25 करोड़ रुपये की अंश पूंजी एकमुश्त उपलब्ध कराएगी।

खेल सुविधाओं पर 2,460 करोड़ रुपये खर्च होंगे

  • राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग की स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना के लिए 2,460.57 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • इस राशि से प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का विकास, पुराने स्टेडियमों का उन्नयन और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही जिला मुख्यालयों और विकासखंडों में खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा।

जिला अस्पतालों और औषधालयों के लिए 12,517 करोड़ रुपये

  • कैबिनेट ने प्रदेश के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और औषधालयों के संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 12,517.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
  • इससे अस्पतालों में बेहतर इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और परिवार कल्याण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी।

मलेरिया नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ की स्वीकृति

  • राज्य सरकार ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • इस योजना के तहत नए कीटनाशकों, लार्वीसाइड और अन्य आधुनिक उपायों के जरिए मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण किया जाएगा।

PM-अभीम योजना के लिए 2,448 करोड़ रुपये

  • प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के संचालन के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • इस योजना के तहत जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित की जाएंगी। इसका उद्देश्य भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने और जांच व्यवस्था को मजबूत करना है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,812 करोड़ रुपये

  • राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
  • इस राशि से उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज, मुफ्त दवाएं, भोजन तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन पर 1,099 करोड़ रुपये

  • कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्टेट डाटा सेंटर (SDC) के उन्नयन, संचालन और रखरखाव के लिए 1,099.58 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं, सरकारी वेबसाइटों, क्लाउड होस्टिंग और डिजिटल सेवाओं को अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बनाया जाएगा। यह निर्णय डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा।

जनजातीय शिक्षकों को मिलेगा चौथा क्रमोन्नत वेतनमान

  • कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षकों, उच्च श्रेणी शिक्षकों तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूरी होने पर चौथा क्रमोन्नत वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
  • यह लाभ 1 जुलाई 2023 या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले पात्र शिक्षकों को मिलेगा।