मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान में जुड़ने की अपील की। 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलेगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 जुलाई को प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए सभी नागरिकों से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि हर नागरिक इस मुहिम से जुड़ेगा, तो प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकेगा।
मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में युवा शक्ति निभा रही अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और इस विकास यात्रा में प्रदेश की युवा शक्ति महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इसके साथ ही आम नागरिक भी विभिन्न विकास कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज और विकास दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इसलिए इस बुराई को जड़ से समाप्त करना बेहद आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी के 'नशा मुक्त भारत' संकल्प को आगे बढ़ा रही सरकार
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' अभियान को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर प्रकार के नशे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है, ताकि समाज को इस गंभीर समस्या से मुक्त किया जा सके।
नशा वर्तमान ही नहीं, आने वाली पीढ़ियों का भी भविष्य बिगाड़ता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के जीवन को भी नुकसान पहुंचाता है। नशे की वजह से युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मक सोच और आगे बढ़ने की क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नशा लोगों के परिवारों को भी टूटने की स्थिति तक पहुंचा देता है। इसी कारण राज्य सरकार अपनी पूरी क्षमता और जनसहयोग के साथ इस अभियान को आगे बढ़ा रही है।
वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को पूर्ण रूप से नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आगे भी अभियान को व्यापक बनाया जाएगा।
जनभागीदारी से ही मिलेगी नशे के खिलाफ लड़ाई में सफलता
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह प्रदेश ने जनसहयोग के बल पर नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की है, उसी प्रकार नशे के खिलाफ यह अभियान भी जनता के सहयोग से सफल होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा और प्रदेशवासियों के सहयोग से 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
15 से 30 जुलाई तक चलेगा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही इस जनअभियान को सफल बनाया जा सकता है और मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने का सपना साकार होगा।


