सीएम डॉ. मोहन यादव ने बेटे अभिमन्यु और ईशिता की सगाई उज्जैन में पूरी सादगी से की। दोनों बैलगाड़ी से वेन्यू पहुंचे, डीजे की जगह ढोल-नगाड़े बजे। 30 नवंबर को दोनों सामूहिक विवाह सम्मेलन में 20 अन्य जोड़ों के साथ सात फेरे लेंगे।

CM Mohan Yadav son engagement: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बेटे की सगाई को पूरी तरह सादगी के साथ आयोजित कर एक अनोखी मिसाल पेश की। 29 नवंबर को उज्जैन में डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. ईशिता पटेल की सगाई हुई, जहां जोड़े ने किसी लग्जरी कार या भारी-भरकम डेकोरेशन की जगह बैलगाड़ी से प्रवेश किया। सगाई से पहले दोनों ने बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और फिर बैलगाड़ी में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

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डीजे नहीं, ढोल-नगाड़ों की गूंज

सगाई समारोह में न तेज़ डीजे था और न ही ग्लैमर से भरी सजावट। इसके बजाय ढोल-नगाड़ों की पारंपरिक धुन ने पूरे माहौल को सरल और सांस्कृतिक बना दिया। सभी परिवारजनों ने बैलगाड़ी से पहुंचे हुए अभिमन्यु और ईशिता का स्वागत किया।

सरल पहनावे में हुई सगाई

इस कार्यक्रम में दोनों ने महंगे आउटफिट्स की जगह साधारण और सहज कपड़े पहनना चुना। परिवार के बीच दोनों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई और जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।

शादी भी होगी बेहद सरल और सामूहिक

डॉ. अभिमन्यु और डॉ. ईशिता की शादी भी पूरी सादगी से होगी। 30 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर ब्रिज के पास शिप्रा तट पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वे सात फेरे लेंगे। इसी समारोह में 20 अन्य जोड़ों का भी विवाह होगा।

सीएम डॉ. यादव द्वारा बांटे गए निमंत्रण कार्ड में साफ लिखा गया है कि उन्होंने सामाजिक सरोकार और समरसता के उद्देश्य से बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा कि 21 नवयुगल एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे और इसी के साथ उनका सुपुत्र भी गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेगा।

सीएम के फैसले की चर्चा

बेटे की सगाई और शादी को पूरी तरह सरल रखने का निर्णय अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे सीएम की सादगी, पारिवारिक मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण बता रहे हैं।

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