प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। मध्यप्रदेश में 8 लाख किशोरियों को मुफ्त एचपीवी टीका लगाया जाएगा। यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी उपाय है और शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगा।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत किए जाने पर प्रदेशवासियों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली से वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल होकर कहा कि यह पहल देश की बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं और किशोरियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा है।
बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। एचपीवी टीकाकरण अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मध्यप्रदेश में इस राज्यव्यापी अभियान के तहत लगभग 8 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से 7 लाख 58 हजार 500 से अधिक वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं।
यह टीका उन बालिकाओं को लगाया जाएगा जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और जिनकी आयु 15 वर्ष से कम है। उन्हें केवल एक ही डोज दी जाएगी। बाजार में लगभग 4000 रुपये कीमत वाला यह टीका शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यह अभियान अगले तीन महीनों तक चलाया जाएगा। प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
HPV टीका: सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी उपाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इससे बचाव के लिए एचपीवी टीका एक अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित उपाय माना जाता है। इसी उद्देश्य से राज्य में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के उज्ज्वल और कैंसर-मुक्त भविष्य के लिए उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं और इस अभियान को सफल बनाएं।
'मिशन मधुहारी' की शुरुआत: टाइप-1 मधुमेह बच्चों के लिए विशेष सुविधा
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार “मिशन मधुहारी” की भी शुरुआत कर रही है। इस योजना के तहत टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए सभी जिला अस्पतालों में साप्ताहिक विशेष क्लिनिक संचालित किए जाएंगे। इन क्लिनिकों में इंसुलिन जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा, जिससे मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक उपचार मिल सकेगा।
भोपाल से राज्यस्तरीय शुभारंभ, पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी
राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) श्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में भोपाल के डॉ. कैलाशनाथ काटजू अस्पताल से किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाएं टीकाकरण के लिए पात्र होंगी। साथ ही, अभियान शुरू होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाली बालिकाएं भी पात्र मानी जाएंगी।
यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और इसके लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी। निर्धारित मानक के अनुसार 0.5 मि.ली. की एकल खुराक इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। टीकाकरण केवल शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों- आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में ही किया जाएगा। टीका लगने के बाद बालिका को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। अभियान की अवधि के दौरान प्रतिदिन टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।


