मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में पैक्स सदस्यता अभियान 30 जून तक चलाने और 10 लाख नए सदस्य जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही कमजोर जिला सहकारी बैंकों को मजबूत करने, KCC लक्ष्य बढ़ाने और डिजिटल ट्रांजेक्शन सुविधा पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में सदस्यता अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल से शुरू हुआ सदस्यता अभियान 30 जून तक जारी रखा जाए और इस दौरान 10 लाख नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य हासिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में हर साल सवा लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्वीकृत करने का लक्ष्य तय किया जाए। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा मौजूद रहे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कमजोर जिला सहकारी बैंकों को 3 साल में मजबूत बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों में सभी कमजोर जिला सहकारी बैंकों को मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 बैंकों की आर्थिक स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।

सरकारी अंश पूंजी सहायता के जरिए रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जिला बैंकों को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके बाद अगले चरण में भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम जिला बैंकों के सुदृढ़ीकरण की योजना पर कार्य किया जाएगा।

पैक्स में मोबाइल ऐप से लेन-देन की सुविधा जल्द शुरू होगी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स में लेन-देन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप आधारित ट्रांजेक्शन व्यवस्था विकसित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत प्रदेश की सभी 4536 पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन के मामले में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। जल्द ही सदस्यों को मोबाइल ऐप के जरिए भी ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी।

सहकारी संस्थाओं ने बढ़ाया बीज उत्पादन और दुग्ध समितियों का विस्तार

बैठक में बताया गया कि बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन और विपणन किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया, जिससे कुल दुग्ध समितियों की संख्या बढ़कर 5562 हो गई है।

वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 76 हजार सदस्यों के बैंक खाते जिला सहकारी बैंकों में खोले गए हैं। साथ ही सहकारी संस्थाओं में भर्ती और संस्थागत क्षमता निर्माण पर भी व्यापक स्तर पर काम किया गया है।

राष्ट्रीय सहकारी समितियों के साथ बढ़ी भागीदारी और कारोबार

अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्तर पर गठित नई सहकारी समितियों के साथ प्रदेश ने साझेदारी और व्यवसाय को बढ़ावा दिया है। भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने समझौता ज्ञापन (MoU) किया है, जिससे 17 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ और 844 पैक्स ने सदस्यता ली।

राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) के साथ सहकारी विपणन संघ का MoU किया गया, जिसमें 1335 पैक्स ने सदस्यता प्राप्त की। वहीं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) के साथ हुए समझौते में 1612 पैक्स जुड़े हैं। फिलहाल उत्पादों के चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है।