दुबई में CM मोहन यादव के निवेश मिशन ने GIS 2027 की तैयारी को नई दिशा दी। UAE के निवेशकों, राजनयिकों और अरब नेतृत्व से संवाद के साथ MP ने उद्योग, लॉजिस्टिक्स, कृषि, ऊर्जा और हस्तशिल्प में निवेश के अवसर पेश किए।

मध्यप्रदेश अब निवेश के लिए सिर्फ देश के बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहता। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दुबई पहुंचे राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही दिन प्रवासी भारतीयों से लेकर राजनयिकों, अरब संसद के नेतृत्व और बड़े वैश्विक निवेशकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की। इस दौरे का सबसे बड़ा लक्ष्य सिर्फ निवेश के प्रस्ताव जुटाना नहीं, बल्कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से पहले मध्यप्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का नेटवर्क तैयार करना दिखाई देता है।

UAE में MP की ब्रांडिंग, लेकिन फोकस निवेश पर

चार दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने UAE में भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात के भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात की। चर्चा में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निवेशक-अनुकूल नीतियों को सामने रखा गया। यानी रणनीति साफ है—पहले वैश्विक निवेश नेटवर्क तक पहुंच बनाई जाए और फिर उन्हें मध्यप्रदेश के आगामी निवेश सम्मेलन से जोड़ा जाए।

दुबई में MP की पहचान सिर्फ उद्योग नहीं, शिल्प से भी

ताज दुबई, बिजनेस बे में ओडीओपी और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी के जरिए मध्यप्रदेश ने अपनी औद्योगिक पहचान के साथ सांस्कृतिक और कारोबारी विरासत भी प्रदर्शित की। बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। इससे छोटे कारीगरों और स्थानीय उत्पादों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

अरब देशों से निवेश की उम्मीद, किन सेक्टरों पर नजर?

अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के साथ बातचीत में व्यापार, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के अलावा खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन और कृषि लॉजिस्टिक्स पर भी चर्चा हुई। वहीं निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे सेक्टरों को प्रमुखता से रखा।

असली परीक्षा अब निवेश को जमीन पर उतारने की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का विश्वसनीय मंच तैयार करना है। दुबई मिशन में बने संपर्क और प्रस्ताव अब मध्यप्रदेश में वास्तविक निवेश, रोजगार और उत्पादन में कितने बदलते हैं, यही इस पूरी कवायद की असली सफलता तय करेगा। फिलहाल सरकार ने GIS-2027 से पहले वैश्विक निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम जरूर उठाया है।