मध्य प्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होगी। इंटरसिटी-इंट्रासिटी बसों में GPS-पैनिक बटन होंगे और 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य है।
भोपाल। भोपाल में 25 सितंबर को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सार्वजनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।
इस नई परिवहन सेवा के तहत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का दायरा लगातार बढ़ाना है। इसके लिए बसों की संख्या को वर्ष 2031 तक 15 हजार तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
MP मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में आधुनिक बसों पर जोर
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सड़कों पर उतरने वाली बसों के संचालन और सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। नई तकनीक वाली बसों के संचालन के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्राइवरों को खास तौर पर इलेक्ट्रिक और CNG बसों की तकनीक, संचालन प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि आधुनिक बसों को प्रशिक्षित चालक सुरक्षित और सुचारू तरीके से चला सकें। यानी बस सेवा शुरू करने के साथ ही ड्राइविंग और सेफ्टी सिस्टम पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Panic Button और GPS से होगी बसों की निगरानी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और GPS सिस्टम लगाए जाएंगे। GPS की मदद से बसों की लाइव लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी। इससे बसों की आवाजाही की निगरानी करना आसान होगा। वहीं, किसी आपात स्थिति में यात्री पैनिक बटन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम सुविधा के तौर पर शामिल किया गया है।
Intercity और Intracity Bus Service से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नई सेवा के तहत प्रदेश में दो तरह की बस सेवाएं शुरू होंगी। इंटरसिटी बसें दो या उससे अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहर की सीमा के भीतर यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देंगी। इससे एक तरफ शहरों के बीच आवागमन के विकल्प बढ़ेंगे, वहीं दूसरी तरफ शहरों के अंदर भी सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क मजबूत करने की योजना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, हर साल जुड़ेंगी 2500 से 3000 बसें
राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन सेवा को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना बनाई है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाकर वर्ष 2031 तक 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन विभाग की कार्ययोजना के अनुसार हर साल करीब 2500 से 3000 नई बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में जोड़ी जाएंगी। बसों की संख्या बढ़ने के साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में यात्रियों को आवागमन के ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है। इस विस्तार में शहरों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को भी बढ़ाने पर जोर रहेगा।
MP में ड्राइवर ट्रेनिंग पर फोकस, 5 रीजनल सेंटर जल्द तैयार होंगे
आधुनिक बसों के सुरक्षित संचालन के लिए वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। प्रदेश में इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। यहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में पांच रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। ये सेंटर भी जल्द शुरू किए जाएंगे। जिला स्तर पर भी 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर तैयार करने की योजना है। इन केंद्रों में चालकों को आधुनिक वाहन तकनीक, सड़क सुरक्षा और इलेक्ट्रिक एवं CNG बसों के संचालन से जुड़े जरूरी प्रशिक्षण दिए जाएंगे।


