मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी तेज है। 23-24 अक्टूबर को इंदौर में निवेशक सम्मेलन होगा। सरकार जमीन, नीतियों और स्किल डेवलपमेंट के जरिए निवेश आकर्षित करेगी।
सेमीकंडक्टर अब सिर्फ टेक्नोलॉजी की जरूरत नहीं, बल्कि दुनिया की औद्योगिक ताकत का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी दौड़ में मध्य प्रदेश भी अपनी जगह बनाने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में Semiconductor Industry के लिए जमीन, नीतियों और स्किल डेवलपमेंट के स्तर पर निवेश की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
Semicon India 2026 में MP का पवेलियन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में आयोजित Semicon India 2026 में मध्य प्रदेश पवेलियन का दौरा किया। यहां प्रदेश सरकार का स्टॉल लगाया गया है, जहां अधिकारी देश-विदेश के निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से निवेश को लेकर संवाद कर रहे हैं।
इंदौर में 23-24 अक्टूबर को बड़ा सम्मेलन
मध्य प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र के निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के लिए 23 और 24 अक्टूबर 2026 को इंदौर में निवेशक सम्मेलन आयोजित करेगी। सम्मेलन में कंपनियों को प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और सरकार की नीतियों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य Semiconductor Industry के लिए मध्य प्रदेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखना है।
जमीन आवंटन की दिशा में बढ़े कदम
CM यादव के अनुसार, Global Investors Summit 2025 के दौरान भी सेमीकंडक्टर सेक्टर के निवेशकों को मध्य प्रदेश में आने के लिए आमंत्रित किया गया था। सरकार के मुताबिक, कुछ निवेशकों ने जमीन आवंटन की दिशा में कदम भी उठाए हैं। प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने और अपनी नीतियों के जरिए नए प्रोजेक्ट आकर्षित करने पर जोर दे रही है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार का असर सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इस सेक्टर के आने से युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी और स्थानीय उद्योगों के विस्तार से Semiconductor Manufacturing से जुड़े सप्लायर, सर्विस और टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार का इकोसिस्टम भी विकसित हो सकता है।
भोपाल-इंदौर में निवेश की संभावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक और कौशल विकास की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया को भी इस क्षेत्र के लिए संभावनाशील बताया। सरकार का फोकस अब निवेशकों से लगातार संवाद और अक्टूबर के इंदौर सम्मेलन के जरिए प्रदेश की Semiconductor क्षमता को सामने रखने पर है।

