मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर CM मोहन यादव ने ब्लॉग में किसान कल्याण, युवा रोजगार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर MP का विजन साझा किया।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष ब्लॉग लिखा है। इसमें उन्होंने मध्यप्रदेश की सात दशक की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की योजनाओं का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का स्थापना दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारी पहचान, परंपराओं, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्पों को याद करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने अपने ब्लॉग में इस साल के स्थापना दिवस की थीम 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' को विशेष महत्व दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग व सुशासन की व्यवस्था को मजबूत करना है।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है। उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्टार्टअप, कानून व्यवस्था, पशुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं भी साझा कीं।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: सात दशकों की गौरवशाली विकास यात्रा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ब्लॉग में लिखा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया था। इसके बाद से प्रदेश ने सात दशकों के दौरान कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्राकृतिक संसाधनों, नदियों, जंगलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ने मध्यप्रदेश को एक अलग पहचान दी है।

उन्होंने उज्जैन स्थित भगवान श्रीमहाकाल की नगरी, मां नर्मदा की पवित्र धारा, सांची का विश्व प्रसिद्ध स्तूप, खजुराहो की स्थापत्य कला और भीमबेटका की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की विरासत को सुरक्षित रखते हुए विकास के नए रास्ते तैयार करना जरूरी है। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए परंपराओं और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा।

किसान कल्याण वर्ष 2026: 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अपने ब्लॉग में किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां के किसानों की खुशहाली से ही गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गांव समृद्ध होंगे तो प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा। इसी सोच के साथ वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस बार मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की मूल भावना भी 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' रखी गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आमदनी बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि अधोसंरचना का विकास, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसान केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों से भी अतिरिक्त आय अर्जित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संकल्प किसानों को केवल अन्नदाता के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का है। किसान की आर्थिक मजबूती ही प्रदेश की खुशहाली का असली आधार है।

MP Youth Employment: युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने युवाओं को मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा, मेहनत और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को अच्छी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देना, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें रोजगार के लिए जरूरी कौशल उपलब्ध कराना समय की मांग है।

खेलों में भी प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, आधुनिक खेल मैदान, बेहतर प्रशिक्षण केंद्र और खेल अधोसंरचना तैयार होने से मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा सिर्फ नौकरी पाने वाला न बने, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों को रोजगार देने और समाज का नेतृत्व करने की क्षमता भी विकसित करे।

Women Empowerment: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ब्लॉग में महिला सशक्तिकरण को विकास का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी प्रदेश के संपूर्ण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्व-सहायता समूहों, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका मानना है कि जब कोई महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती है तो उसका सकारात्मक असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे लाना सरकार का संकल्प है।

MP Startup Policy: स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

तकनीक और नवाचार के तेजी से बदलते दौर में मध्यप्रदेश को नए अवसरों के लिए तैयार करने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के नए विचारों को कारोबार और रोजगार में बदलने के लिए प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए युवाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, निवेश के अवसर और कारोबार शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, कृषि तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप के लिए काफी संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में नए उद्यम शुरू होने से प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार का लक्ष्य है। प्रदेश के युवा अपने नए विचारों के दम पर खुद आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा करें, इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

Sandipani Schools: बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की तैयारी

शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालयों की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की परिकल्पना प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सांदीपनि विद्यालयों में योग्य शिक्षकों, बेहतर भवनों, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव और शहर के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को खेल, विज्ञान, तकनीक, संस्कार और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की नींव रखेंगे। इसलिए बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

Law and Order: कानून व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों पर लगाम लगाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल होना बेहद जरूरी है। सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण, अपराध नियंत्रण में तकनीक के इस्तेमाल और नागरिकों की सुरक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात भी उन्होंने कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ऐसा मध्यप्रदेश बनाना चाहती है जहां हर नागरिक बिना किसी डर के अपना जीवन बिता सके। इसके साथ ही प्रदेश में निवेश करने वाले कारोबारियों और उद्यमियों को भी सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने उद्योग और व्यवसाय का विस्तार कर सकें।

Good Governance: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान से आसान होंगी सरकारी प्रक्रियाएं

सुशासन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों तक सरकारी सेवाएं सरलता और समय पर पहुंचाना भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अभियान के जरिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, अनावश्यक प्रशासनिक उलझनों को कम करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। प्रशासन को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और जनता की जरूरतों के प्रति सजग बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का भरोसा सबसे बड़ी पूंजी है। सरकार का संकल्प है कि लोगों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलें और उन्हें छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

Animal Husbandry: पशुपालन से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने पशुपालन को मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों और ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। सरकार पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, उपचार, टीकाकरण, नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर काम कर रही है। इसके साथ ही गोवंश संरक्षण और पशुपालकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने का भी एक प्रभावी माध्यम है। पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पशु कल्याण और पशुपालन को बढ़ावा देने से प्रदेश के गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

MP Health Facilities: हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती इलाज मिलना चाहिए। इसके लिए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को भी सरकार की प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा स्वास्थ्य तंत्र तैयार करना चाहती है, जहां प्रदेश के किसी भी नागरिक को बेहतर इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का CM मोहन यादव का संकल्प

अपने ब्लॉग के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस केवल बीते वर्षों की उपलब्धियों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह भविष्य की जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को लेकर नए सिरे से संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और गौरवशाली परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए मध्यप्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाना है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा मध्यप्रदेश बनाना है, जहां विकास का फायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिले और आने वाली पीढ़ियां एक समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर प्रदेश पर गर्व कर सकें।

अंत में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर प्रदेश के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।