मध्यप्रदेश में स्कूल प्रवेशोत्सव 2026 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों को मुफ्त साइकिल वितरित की। नामांकन में 19.6% वृद्धि हुई और ड्रॉपआउट लगभग शून्य बताया गया। सरकार शिक्षा सुविधाएं लगातार बढ़ा रही है।
भोपाल। मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक ओर उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, वहीं दूसरी ओर स्कूल जाने के लिए उनका उत्साह भी बढ़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘स्कूल चलें हम’ राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मुफ्त साइकिल भी वितरित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।
‘स्कूल चलें हम’ कार्यक्रम की शुरुआत: दीप प्रज्ज्वलन और बच्चों का सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों पर पुष्प वर्षा की और उन बच्चों को किताबें भेंट कीं, जिन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लिया। उनके माता-पिता का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बेहद खास है क्योंकि एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिन बच्चों के स्कूल दूर हैं, उन्हें साइकिल दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज समय बदल चुका है और बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जैसे किताबें, साइकिल और यूनिफॉर्म की राशि।
शिक्षा में सुधार: नामांकन बढ़ा, ड्रॉपआउट हुआ कम
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार और शिक्षा विभाग के प्रयासों से माता-पिता का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि अब ड्रॉपआउट लगभग शून्य हो गया है। नामांकन में 19.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति में 32.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
सांदीपनि और पीएम श्री स्कूल: बेहतर शिक्षा और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों को आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। इन स्कूलों में सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। यही वजह है कि कई बच्चे निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं में किताबें भी वितरित की जा रही हैं।
मोहन यादव सरकार की योजनाएं: छात्रावास, लैपटॉप और यूनिफॉर्म वितरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावास संचालित हो रहे हैं। जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार से अधिक स्कूलों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने एडमिशन प्रक्रिया को सरल बनाया है और करीब एक लाख प्रतिभाशाली छात्रों को लैपटॉप दिए गए हैं। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दी जा चुकी है और 76 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है।
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का बयान: एक करोड़ बच्चों का नामांकन
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस दिन को विभाग के लिए दीपावली जैसा बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एक करोड़ बच्चों का नामांकन हुआ है। सरकार का लक्ष्य ड्रॉपआउट रोकना और सभी बच्चों को मुफ्त किताबें उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर बुक फेयर आयोजित करने की योजना है, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे सस्ती किताबों का लाभ ले सकें।
मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य: हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना
जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, मुफ्त किताबें, साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और उनका भविष्य उज्ज्वल बनाना है।


