सीएम मोहन यादव वाराणसी दौरे पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण कर UP-MP सहयोग, धार्मिक पर्यटन, MSME विकास और सिंहस्थ की तैयारियों पर चर्चा की। दोनों राज्यों के बीच समन्वय से विकास और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भोपाल/वाराणसी। मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे। उनके आगमन पर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला अधिकारी भी मौजूद रहे।
काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन और कॉरिडोर का निरीक्षण
वाराणसी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यहां की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली को करीब से समझा।
उन्होंने कॉरिडोर में भीड़ नियंत्रण से जुड़ी विशेष प्रस्तुतियां भी देखीं और मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग बढ़ाने पर जोर
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने गंगा के विभिन्न घाटों का दौरा किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रबंधन बेहद प्रभावशाली है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई और इसमें स्थानीय लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
धार्मिक पर्यटन और MSME सेक्टर पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल की उन्होंने सराहना की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। बनारसी साड़ी की तरह ही मध्यप्रदेश में चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों जैसे लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दोनों राज्यों के बीच इस क्षेत्र में बेहतर तालमेल पर चर्चा होगी।
भीड़ प्रबंधन मॉडल से सिंहस्थ की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह ही भीड़ प्रबंधन व्यवस्था उज्जैन के सिंहस्थ में लागू करने की योजना है। उन्होंने बताया कि उनका यह दौरा इसी उद्देश्य से है कि बेहतर धार्मिक पर्यटन मॉडल तैयार किया जा सके, जिससे लोगों की सुविधा और अनुभव दोनों बेहतर हों।
आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर मंथन
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच समन्वय से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और गरीबों की जिंदगी बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि लघु उद्योगों के उत्पादों को सही मूल्य दिलाने और आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी। इस दिशा में रोड शो का भी आयोजन किया जाएगा।
महाकाल लोक और काशी कॉरिडोर से विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन का महाकाल लोक और वाराणसी का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच योजनाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान होगा और इसके लिए एमओयू भी साइन किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में शोध कार्य चल रहा है और इसके लिए सरकार फेलोशिप भी दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 3, 4 और 5 अप्रैल को काशी विश्वनाथ धाम में उनके जीवन पर आधारित एक भव्य महानाट्य का मंचन किया जाएगा, जिसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे।
आपसी सहयोग से विकास की नई इबारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग का समय है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, जिससे दोनों राज्यों का समग्र विकास होगा।


