मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3-3 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को 1-1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई।
मध्यप्रदेश के युवा हॉकी खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एवं महिला हॉकी एशिया कप 2026 में पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को नकद प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय हॉकी में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
गोल्ड विजेताओं को 3 लाख, ब्रॉन्ज विजेताओं को 1 लाख
मध्यप्रदेश सरकार ने अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये और महिला टीम की कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 1-1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है।
जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित इस टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक और महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुष टीम में मध्यप्रदेश राज्य पुरुष हॉकी अकादमी, भोपाल के छह खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि महिला टीम में ग्वालियर अकादमी की चार खिलाड़ियों ने जगह बनाई।
MP के खिलाड़ियों ने छोड़ी अपनी छाप
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी, उमरिया और बड़वानी जैसे जिलों से आने वाले कई खिलाड़ी साधारण परिवारों से हैं। अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
महिला हॉकी अकादमी की खिलाड़ी नौसीन नाज ने पूरे टूर्नामेंट में 12 गोल दागकर 'टॉप स्कोरर' बनने का गौरव हासिल किया। वहीं पुरुष टीम के गोलकीपर आयुष रजक को शानदार प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट गोलकीपर अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
हॉकी में फिर मजबूत हो रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश ने देश को कई ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी दिए थे। बीच के कुछ वर्षों में प्रदेश इस खेल में पीछे जरूर रहा, लेकिन अब फिर से मजबूत वापसी कर रहा है और हॉकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की कतार में शामिल हो रहा है।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी खिलाड़ियों और कोचों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार बेहतर प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। खिलाड़ियों की यह सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।


