मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 34 से बढ़कर 52 होगी। मेडिकल सीटें भी 10 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने और मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना दौरे के दौरान हेलीपेड पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसका सीधा लाभ युवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा।

MP Medical Colleges: दो साल में 34 से बढ़कर 52 होंगे मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 34 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इनकी संख्या बढ़ाकर 52 करना है। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों का विस्तार केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश के दूर-दराज़ क्षेत्रों में बेहतर इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

Medical Seats in MP: 500 से बढ़कर 5,500 हुईं, अब 10 हजार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। उस समय मेडिकल सीटों की संख्या भी लगभग 500 थी। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में मेडिकल सीटें बढ़कर करीब 5,500 हो चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इन्हें बढ़ाकर 10 हजार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि राज्य सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है।

युवाओं को मिलेगा फायदा, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार विभिन्न नए पाठ्यक्रमों और संस्थानों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास कर रही है। मेडिकल शिक्षा के विस्तार से हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत चिकित्सा व्यवस्था और प्रशिक्षित डॉक्टर किसी भी राज्य के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला होते हैं। इसी सोच के साथ सरकार स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है।

Panna Medical College: अगले वर्ष होगा लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने पन्ना में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जानकारी दी कि पन्ना मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन अगले वर्ष किया जाएगा। यह मेडिकल कॉलेज पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार किया जा रहा है और भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।

उन्होंने कहा कि अभी पन्ना जिले के लोगों को गंभीर और विशेष चिकित्सा सेवाओं के लिए सतना मेडिकल कॉलेज या छतरपुर जाना पड़ता है। पन्ना मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।