मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिला है। CM मोहन यादव ने भोपाल से पटना, भोपाल-रीवा, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता की 4 नई उड़ानों को हरी झंडी दिखाई। नई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार और यात्रियों को फायदा होगा।
मध्य प्रदेश के हवाई नक्शे पर 9 अगस्त 2026 का दिन एक नई कड़ी जोड़ने वाला रहा। अब भोपाल से पटना और रीवा से कोलकाता का सफर पहले के मुकाबले आसान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से चार नई फ्लाइट सेवाओं को फ्लैग ऑफ किया। इन सेवाओं के शुरू होने से मध्य प्रदेश के कई शहर सीधे बिहार और पश्चिम बंगाल से जुड़ गए हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान किए। सरकार का दावा है कि नई हवाई सेवाओं से सिर्फ यात्रियों का समय ही नहीं बचेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कौन-कौन से नए हवाई रूट शुरू हुए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिन चार सेवाओं का शुभारंभ किया, उनमें भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता शामिल हैं। इनमें भोपाल-पटना सेवा मध्य प्रदेश को सीधे बिहार की राजधानी से जोड़ेगी। वहीं रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान मिलने से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र का पूर्वी भारत से हवाई संपर्क मजबूत होगा। इन सेवाओं का संचालन अलायन्स एयर करेगी। राज्य सरकार मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत इन उड़ानों को वित्तीय सहायता भी दे रही है।
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हर राउंड ट्रिप पर 10 लाख रुपये तक की VGF
नई उड़ानों को शुरू करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार एयरलाइन को प्रति राउंड ट्रिप 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF)उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे हवाई रूट को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना है, जहां शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो सकती है। सरकार की एविएशन पॉलिसी के तहत यह सहायता नई एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही है। इससे छोटे और मध्यम शहरों को बड़े हवाई नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
भोपाल से पटना, रीवा से कोलकाता का सफर होगा आसान
नई उड़ानों का सबसे सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा। भोपाल से पटना जाने वाले यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट या दूसरे विकल्पों पर निर्भरता कम हो सकती है। इसी तरह रीवा और जबलपुर से कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा मिलने से पूर्वी भारत की यात्रा आसान होगी। खासकर व्यापार, शिक्षा, नौकरी और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए सीधी उड़ान समय बचाने वाली साबित हो सकती है। विंध्य क्षेत्र के लिए रीवा-कोलकाता कनेक्शन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे क्षेत्र को पूर्वी भारत के बड़े कारोबारी और शैक्षणिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
CM मोहन यादव बोले- MP में एविएशन को लगातार मिल रहा विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में नए एयरपोर्ट और नए हवाई रूट शुरू करने पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इंदौर से अबू धाबी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि भोपाल से शारजाह की अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से प्रदेश के लोगों को हर काम के लिए दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत कम होगी।
मुख्यमंत्री ने एयर एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि जहां हवाई पट्टी उपलब्ध है, वहां विमान और जहां हवाई पट्टी नहीं है, वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री बोले- एविएशन सेक्टर में तेजी से हो रहा विस्तार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नई उड़ानों के शुभारंभ को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश में पिछले वर्षों के दौरान एविएशन सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने उड़ान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि हवाई कनेक्टिविटी को छोटे शहरों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहरों में एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की नई एविएशन पॉलिसी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्य की नीति देश में बेहतर नीतियों में शामिल है। उन्होंने भविष्य में और एयरपोर्ट विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया।
विंध्य के लिए क्यों खास है रीवा-कोलकाता फ्लाइट?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा-कोलकाता हवाई सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। विंध्य में कोयला, बिजली और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी को क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए अहम माना जा रहा है।
रीवा से कोलकाता की सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को बीच में कनेक्शन बदलने की जरूरत कम होगी। इससे कारोबारी यात्राओं के साथ-साथ शिक्षा और पर्यटन के लिए भी आवागमन आसान हो सकता है।
क्या नई उड़ानों से MP की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा?
हवाई कनेक्टिविटी का असर सिर्फ यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहता। किसी शहर को नए एयर रूट से जोड़ने पर पर्यटन, होटल, स्थानीय परिवहन, कारोबार और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश सरकार इसी संभावित आर्थिक प्रभाव को देखते हुए छोटे और मध्यम शहरों को नए हवाई मार्गों से जोड़ने पर जोर दे रही है। हालांकि, इन रूट पर लंबे समय तक सेवा की सफलता यात्रियों की मांग, किराये, उड़ानों की नियमितता और व्यावसायिक व्यवहार्यता पर भी निर्भर करेगी।
फिलहाल चार नई उड़ानों की शुरुआत मध्य प्रदेश के हवाई नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन सेवाओं को यात्रियों से कितना प्रतिसाद मिलता है और राज्य की एविएशन पॉलिसी के तहत कितने नए शहर हवाई नेटवर्क से जुड़ते हैं।
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