भोपाल के रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में सीएम मोहन यादव ने हर साल 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा। संस्थान का प्लेसमेंट 98.9% है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में युवाओं के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक हर साल 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देगा। फिलहाल संस्थान हर वर्ष करीब 2 हजार युवाओं को विभिन्न स्किल कोर्स में प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र प्रदान कर रहा है। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 3 हजार होगी और आगे इसे लगातार बढ़ाया जाएगा।

Global Skills Park में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन अब केवल खेती ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और कौशल के दम पर भी आगे बढ़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों की प्रगति में भारतीय प्रतिभाओं का बड़ा योगदान रहा है। आज जरूरत है कि देश के युवा अपने कौशल के बल पर रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों हासिल करें। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के विद्यार्थी प्रशिक्षण लेने आ रहे हैं।

संत रविदास का संदेश: अपने कौशल पर भरोसा रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि व्यक्ति को अपने कौशल और कर्म पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक भेदभाव जैसी चुनौतियों का सामना किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कौशल ही सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

98.9 प्रतिशत प्लेसमेंट बना बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल्स पार्क की 98.9 प्रतिशत प्लेसमेंट दर को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यहां विश्वस्तरीय और बहुभाषी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। मेहनत और सीखने की इच्छा ही सफलता तक पहुंचाती है।

छात्राओं की सफलता की कहानी सुनकर खुश हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन प्रशिक्षुओं से बातचीत की जिन्हें प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिला है। वर्चस्वनी पथिक ने बताया कि स्किल्स पार्क से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी कई प्रतिभाओं का एहसास हुआ। वहीं सान्वी त्रिवेदी ने कहा कि इस संस्थान ने उन्हें नौकरी के साथ आत्मविश्वास भी दिया। दोनों छात्राओं ने ट्रायडेंट समूह में नौकरी हासिल की है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता दूसरी युवतियों को भी प्रेरित करेगी।

उद्योगों के साथ नए समझौते से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

कार्यक्रम में बजाज ऑटो फाउंडेशन, मैजिक बिलियन और टीयूवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौतों का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सहयोग से उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच मजबूत संबंध बनेंगे और युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे।

शिल्पकारों का सम्मान, पौधरोपण और नई खेल सुविधा का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने माटी, काष्ठ, क्रिस्टल, मार्बल और धातु शिल्प से जुड़े कलाकारों के काम की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने परिसर में पौधरोपण भी किया। इसके अलावा उन्होंने नए बहुउद्देश्यीय खेल परिसर का उद्घाटन किया और संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

अत्याधुनिक लैब में युवाओं से किया सीधा संवाद

मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल्स पार्क की आधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजन लैब, ऑटोट्रॉनिक्स लैब और एडवांस सीएनसी इंजीनियरिंग लैब में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से बातचीत की। प्रशिक्षु प्रवीण मानकर, विधि रैकवार, गौरव राजपूत, नंदिनी प्रजापति और दीपेश प्रजापति ने अपने प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्राप्त कौशल युवाओं को देश और विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

550 नए विद्यार्थियों से बोले- कौशल को बनाइए अपनी पहचान

ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शामिल 550 नवप्रवेशित विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे मन से प्रशिक्षण लेने और अपने कौशल को अपनी पहचान बनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार के लिए पहले से ज्यादा सक्षम बना रहे हैं।

उद्योग प्रतिनिधियों ने की स्किल्स पार्क की जमकर तारीफ

कार्यक्रम में मौजूद कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की। ट्रायडेंट, एसआरएफ, वोल्वो आयशर, भेल, हिंडाल्को, साइंटेक, सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड समेत कई उद्योगों ने कहा कि यहां से प्रशिक्षित युवा सीधे उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक तैयार होकर निकल रहे हैं। कुछ उद्योग प्रतिनिधियों ने तो यह भी कहा कि यहां से प्रशिक्षित युवाओं का कौशल इतना बेहतर होता है कि कई बार अलग से विस्तृत चयन प्रक्रिया की जरूरत तक महसूस नहीं होती।

महिलाओं के लिए ज्यादा अवसर बढ़ाने पर भी जोर

ट्रायडेंट की प्रतिनिधि पूजा लूथरा ने सुझाव दिया कि संस्थान में अधिक संख्या में महिला प्रशिक्षुओं को तैयार किया जाए ताकि उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ सके। उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने और उद्योगों के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।

हर इंडस्ट्रियल एरिया के पास मिलेगा जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर औद्योगिक क्षेत्र के आसपास स्थित आईटीआई में स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में कुशल युवाओं को उद्योगों तक पहुंचाया जाएगा।

10 हजार प्रशिक्षुओं तक पहुंचाने का लक्ष्य

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में करीब 2 हजार प्रशिक्षुओं को प्रमाणन दिया गया है। वर्ष 2026 में यह संख्या 3 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि भविष्य में पहले 6 हजार प्रशिक्षुओं तक प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई जाएगी और अंतिम लक्ष्य हर वर्ष 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करना है।