पीथमपुर में डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी के दो प्लांट शुरू हुए। CM मोहन यादव ने कहा कि इनसे भविष्य में 30 हजार से ज्यादा रोजगार मिलेंगे।
भोपाल/धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर में 20 अगस्त को उद्योग और रोजगार के लिहाज से दो बड़ी शुरुआत हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एडवांस ऑप्टिकल फाइबर बनाने वाली कोर्सिस और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट वोल्टर्स प्लांट का उद्घाटन किया। इन दोनों प्लांट्स के शुरू होने से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों से आने वाले समय में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसका फायदा सिर्फ धार या मध्य प्रदेश को नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा।
Pithampur Industries: दो नई यूनिट से 30 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद
उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर में रोजगार देने वाली दो नई इंडस्ट्रीज की शुरुआत हुई है। सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में इनसे 30 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक पर आधारित उद्योग लगाए गए हैं। इनमें डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी का उत्पादन होगा। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक, इन उद्योगों के जरिए राज्य को नई आर्थिक ताकत मिलेगी और देश के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
German Technology से बने उद्योग, Digital Fiber और Lithium Battery पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पीथमपुर में जर्मन टेक्नोलॉजी पर आधारित उद्योग स्थापित किया गया है। यहां डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसे आधुनिक उत्पादों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश बदलती औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से मध्य प्रदेश को नई दिशा देने वाला है। खास तौर पर टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर में प्रदेश की मौजूदगी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, डिजिटल फाइबर और लिथियम बैटरी से जुड़ी यह यूनिट देश की तीसरी सबसे बड़ी यूनिट है। इससे प्रदेश में आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Dhar News: कभी पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था धार, अब तेजी से बढ़ रहा
मुख्यमंत्री ने धार जिले के बदलते औद्योगिक स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धार कभी अपने पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, आज जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर प्रदेश के तेजी से आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल हो चुके हैं। औद्योगिक गतिविधियों और लगातार हो रहे निवेश ने इस इलाके की आर्थिक स्थिति को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह विकास राज्य के साथ-साथ युवाओं को भी नए दौर में ले जाने वाला है। रोजगार के नए अवसर बनने से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
MP Investment: MoU अब जमीन पर उतर रहे, पीथमपुर में लगातार बढ़ रहा निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले कुछ समय में सरकार ने उद्योगों को लेकर जो MoU किए थे, वे अब धीरे-धीरे जमीन पर उतर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब एक महीने के भीतर दूसरी बार पीथमपुर आए हैं। पिछली यात्रा के दौरान भी कई उद्योगों का लोकार्पण किया गया था। अब दो और आधुनिक औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश में निवेश का भरोसा बढ़ने का संकेत बताया। उनके अनुसार, सरकार और निवेशकों के बीच हुए समझौतों का धरातल पर उतरना मध्य प्रदेश के औद्योगिक विस्तार के लिए अहम है।
Pithampur Growth: औद्योगिक विकास में धार की रफ्तार सबसे तेज
डॉ. मोहन यादव ने धार को औद्योगिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से राज्य के प्रमुख जिलों में बताया। उन्होंने कहा कि पीथमपुर के कारण धार की पहचान अब तेजी से बदल रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के बावजूद धार ने औद्योगिक विकास में जिस तरह गति पकड़ी है, वह महत्वपूर्ण बदलाव है। नए उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर और धार का यह बदलाव केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर युवाओं के रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पूरे प्रदेश की समृद्धि पर भी पड़ेगा।
MP Industrial Growth: युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
पीथमपुर में शुरू हुई दोनों यूनिट्स को मध्य प्रदेश के बढ़ते औद्योगिक आधार से जोड़कर देखा जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसे सेक्टर आने वाले समय में डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। सरकार की कोशिश है कि ऐसे आधुनिक और रोजगारपरक उद्योग प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा आएं। पीथमपुर में इन प्लांट्स की शुरुआत इसी दिशा में एक और कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरोसा जताया कि इन उद्योगों से पैदा होने वाले रोजगार और निवेश का लाभ लंबे समय तक मध्य प्रदेश और देश को मिलेगा। उनके मुताबिक, औद्योगिक विकास की यह रफ्तार राज्य को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने में मदद करेगी।


