मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य व्यापारियों के हितों की सुरक्षा, निर्यात को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। बोर्ड की बैठक हर तीन महीने में होगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। यह बोर्ड भारत सरकार द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए गठित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में व्यापारियों के हितों की सुरक्षा करना, अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर माहौल तैयार करना और निर्यात गतिविधियों को प्रोत्साहन देना है। इसके माध्यम से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग व्यापारिक सुविधाओं को और मजबूत करेगा।

राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
नवगठित बोर्ड में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री सहित मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव भी बोर्ड का हिस्सा होंगे।
इन विभागों में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, MSME, वाणिज्यिक कर, वित्त, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, खनिज साधन, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा पर्यटन विभाग शामिल हैं।
इसके साथ ही राज्य नीति आयोग के सीईओ, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय प्रमुख, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी, भारतीय कंटेनर निगम के वरिष्ठ प्रबंधक, नाबार्ड के सीजीएम, ईसीजीसी और एक्जिम बैंक के प्रतिनिधि, एपिडा के क्षेत्रीय प्रमुख, एफएसएसएआई के आयुक्त तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ को भी आधिकारिक सदस्य बनाया गया है।
उद्योग और व्यापार संगठनों को भी बोर्ड में मिली जगह
राज्य सरकार ने व्यापार और उद्योग संगठनों को भी इस बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सीईओ और आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक को पदेन सदस्य बनाया गया है।
इसके अलावा सीआईआई, फिक्की, फिओ, डिक्की, लघु उद्योग भारती और अन्य राज्य स्तरीय व्यापार संगठनों एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों को भी बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, भोपाल के प्रबंध संचालक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
हर तीन महीने में होगी बोर्ड की बैठक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता के अनुसार मुख्यमंत्री की अनुमति से बोर्ड में संशोधन किए जा सकेंगे। जिला स्तरीय समिति (DLC) के गठन और उसके कार्यक्षेत्र का प्रस्ताव सदस्य सचिव द्वारा तैयार किया जाएगा, जिसे समन्वय के बाद मंजूरी मिलेगी। बोर्ड की बैठक हर कैलेंडर वर्ष में चार बार आयोजित की जाएगी, यानी प्रत्येक तीन महीने में एक बैठक होगी। इससे व्यापारियों से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा और समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।


