मध्यप्रदेश के रतलाम शहर से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक सरकारी कर्मचारी ने गोदाम में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मामले में हैरानी की बात यह है कि जिसने खाद लूट मामले में विधायक के खिलाफ लोहा लिया उसने आत्महत्या जैसा काम क्यों किया।

रतलाम (ratlam). मध्य प्रदेश के रतलाम शहर से हैरान करने वाला मामला। यहां सरकारी गोदाम में एक कर्मचारी की सुसाइड करने की खबर से हड़कंप मच गया। जिसने नजारा देखा एक बार को तो हैरान रह गया कि जो व्यक्ति इतना निडर था उसने सुसाइड जैसा काम क्यो कर लिया। दरअसल पिछले साल हुए खाद आवंटन के समय लूट मामलें में इस कर्मचारी ने विधायक को जेल तक पहुंचाया था। मामला शहर के आलोट तहसील का है। पुलिस को घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ है। मृतक की पहचान 53 वर्षीय भगतराम यदु के रूप में हुई है।

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रात को नहीं लौटा घर, ऑफिस जाके देखा तो हो गए हैरान

दरअसल भगतराम यदु महासंघ के गोदाम के प्रभारी है। सोमवार के दिन वह नॉर्मल रूटीन के तहत अपने ऑफिस गए थे पर रात में घर नहीं पहुंचे। घर वालों को लगा वहीं रुके होंगे। पर जब वह मंगलवार सुबह भी घर नहीं आए तो उनको देखने गोदाम के ऑफिस में पहुंचे तो वहां का गेट बंद था। घरवालों ने खिड़की से झांककर देखा तो अंदर का नजारा देखकर शॉक्ड रह गए। अंदर यदु फंदे पर लटका हुआ था। नजारा देख परिजनों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ऑफिस का गेट तोड़कर अंदर पहुंचे और युवक को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं युवक को हॉस्पिटल पहुंचाने के साथ ही ऑफिस को सील करने के पहले छानबीन की गई पर वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

विधायक को पहुंचाया था जेल

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि 10 नवबंर 2022 के दिन आलोट में स्थित खाद को गोडाउन में लूट की वारदात की गई थी। जिस समय यह वारदात हुई उस समय वहां की जिम्मेदारी भगतराम येदु संभाल रहे थे। उनकी शिकायत पर ही कांग्रेस विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके चलते विधायक मनोज चावला और कुछ अन्य नेताओं को अरेस्ट किया गया था।

ये था लूट का पूरा मामला

दरअसल 10 नवबंर के दिन आलोट स्थित सरकारी खाद गोदाम में सर्वस की समस्या के चलते पीओएस मशीन नहीं चल रही थी। जिसके चलते किसानों को परेशानी हो रही थी। तभी किसी ने इन सब की जानकारी क्षेत्रीय विधायक को दे दी। तो विधायक मनोज चावला और कांग्रेस नेता योगेंद्र सिंह वहां पहुंचे और गोदाम के कर्मचारियों को खरी खोटी सुना कर वहां का शटर खोल लोगों को खाद ले जाने का बोल दिया। इस मौके का फायदा उठाकर किसानों ने बिना इंट्री किए खाद लेकर चले गए। इस घटना के बाद उस समय के प्रभारी ने विधायक व अन्य नेताओं के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कराया था। जिस पर सुनवाई होने के बाद कांग्रेस विधायक को जेल भेज दिया गया और अभी इस समय भी वे जेल में सजा काट रहे है।

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