Family Poisoning Case In Sagar: सागर में पिता, दादी और बच्चों ने जहर खाकर की आत्महत्या! सुसाइड नोट में मां को बताया 'अयोग्य', संपत्ति से बाहर किया। बच्चों ने NEET छोड़ बनाई विरासत की लिस्ट। झगड़े, जहर और चुप्पी के पीछे छुपा है एक बड़ा राज़...

Sagar Family Suicide Case: मध्यप्रदेश के सागर जिले के खुरई थाना क्षेत्र के टीहर गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया है। शनिवार सुबह 42 वर्षीय मनोहर लोधी, उनकी 70 वर्षीय मां फूलरानी लोधी, 18 साल की बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने सामूहिक रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इसमें जो सुसाइड नोट सामने आया है, उसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

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सुसाइड नोट में विरासत का बंटवारा, मां को संपत्ति से बाहर

पुलिस को मौके से मिला सुसाइड नोट इस मामले को और रहस्यमय बना देता है। नोट में साफ तौर पर लिखा गया है कि "मां का किसी भी संपत्ति पर कोई हक नहीं होगा"। यह लाइन न केवल रिश्तों को तोड़ने वाली है, बल्कि उस गहरे मनोवैज्ञानिक तनाव की ओर भी इशारा करती है जिससे पूरा परिवार जूझ रहा था।

भैंस से लेकर गहनों तक, सबका ज़िक्र 

सुसाइड नोट में बच्चों ने लिखा:

  1. तीन भैंसें बुआ और चाचा को
  2. भैंस की पड़िया बड़े पापा को
  3. पूजा का सामान गांव के पंडित को
  4. ₹68,000 फोन-पे बैलेंस बड़े पापा को
  5. दादी के चार गहने चारों बुआओं में बांटने
  6. अलमारी में रखे ₹1.20 लाख बड़े पापा को
  7. ₹40,000 का कर्ज मामा से लिया था – "अब कोई देनदारी नहीं बची"

पत्नी से बहस के बाद फौरन लिया गया खौफनाक फैसला? 

घटना से ठीक पहले मनोहर और उसकी पत्नी द्रौपदी के बीच फोन पर कहासुनी हुई थी। कुछ दिन पहले ही पत्नी मायके चली गई थी। पुलिस का मानना है कि मनोहर लंबे समय से पारिवारिक तनाव से जूझ रहा था, और बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा।

बच्चों के सुनहरे सपनों का ऐसा अंत क्यों? 

बेटी शिवानी बीएससी की छात्रा थी और NEET की तैयारी कर रही थी, जबकि बेटा अनिकेत 9वीं का होनहार छात्र था। वे आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक कलह ने उन्हें इस कदर तोड़ा कि उन्होंने आत्महत्या को ही रास्ता बना लिया।

मां को पूरी तरह संपत्ति से बाहर करने की वजह क्या? 

सुसाइड नोट में मां के लिए नाराजगी साफ दिखाई देती है। पुलिस को शक है कि नोट अनिकेत ने लिखा हो सकता है, लेकिन बच्चों की हैंडराइटिंग का मिलान किया जा रहा है। पुलिस जांच में अब यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या उन्हें किसी ने आत्महत्या के लिए मानसिक रूप से उकसाया था?