ग्वालियर जिले में DSP के पद पर पदस्थ संतोष पटेल मूल रूप से पन्ना जिले के रहने वाले हैं।  हाल ही में वह अपनी मां से मिलने के लिए पहली बार खाकी में पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें पता चला कि मां खेत में है, तो वे भी खेत में जा पहुंचे।

ग्वालियर (मध्य प्रदेश). मां और बेटे का रिश्ते जैसा दुनिया में कोई और रिश्ता नहीं है। दोनों के बीच का प्यार और दुलार सबसे अनमोल है। कुछ इसी तरह की एक कहानी मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आई है। जहां एमपी पुलिस में बतौर डीएसपी तैनात संतोष पटेल इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में बने हुए हैं। अफसर बनने के बाद पहली बार बेटा खाकी वर्दी पहने हुए अपनी मां से मिलने खेत पहुंचे। मां इस दौरान चारा काट रही थीं। इस बीच उन्होंने जो बातचीत की वो चर्चा में है।

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घर में मां नहीं मिली तो खेत पर जा पहुंचे डीएसपी बेटा

दरअसल, ग्वालियर जिले में DSP के पद पर पदस्थ संतोष पटेल मूल रूप से पन्ना जिले के रहने वाले हैं। डीएसपी की मां गांव में रहती है। हाल ही में वह अपनी मां से मिलने के लिए पहली बार खाकी में पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें पता चला कि मां खेत में है, तो वे भी खेत में जा पहुंचे। जहां मां चारा काटती हुई मिलीं। इस दौरान मां-बेटे के बीच हुआ संवाद चर्चाओं में है।

पढ़िए मां और बेटे की पूरी बातचीत

डीएसपी संतोष पटेल ने एक सप्ताह पहले 26 फरवरी को अपनी मां से बीतचीत के संवाद का यह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। जिसके साथ उन्होंने लिखा- डीएसपी बने 5 साल हो गए और पहली बार अपनी माँ के पास वर्दी में मिलने खेत पर पहुंचा जहां माता से मातृभूमि में मातृभाषा का संवाद, अम्मा खेत म गुड़ाली छुवालत मिली तौ मैं कैहौं कि आराम से रहो कर अब य काम करैं कै जरूरत निहाय तौ बोली महतारी कै ममता नहीं मानत याय, अपने बेटन का 2 रुपिया जोड़य चाहत ही। पढ़ाई करो चाहिए कहे से नौकरी राजा चीज होत ही, पढ़े से राज गद्दी मिलत ही। कभी मुंह से डांटा, कभी डंडे से पीटा कभी नींबू के पेड़ से बांधा, अनपढ़ थी लेकिन पढ़ाई के माहौल में बांधकर रखा। जमीन, जायदाद और नेता विधायक सब फेल हैं सरकारी नौकरी के आगे। माँ गम्भीर बीमारी से ग्रसित होने के बाद भी स्वयं के कमाए हुए पैसों पर विश्वास करती है। बकरी पालन, भैंस पालन और खेती बाड़ी से रुपये कमाना और सब्जी भाजी आंगन में उगाकर पैसे बचाने का हुनर माँ में कूट कूटकर भरा है। सुनें शायद आपको अच्छा महसूस होगा क्योंकि प्रत्येक माँ बच्चों के लिए कुछ न कुछ जोड़कर रखना चाहती है।

ऐ गरीबी देख तेरा गुरुर टूट गया तेरा मुंह काला हो गया,

तू दहलीज पर बैठी रही और मेरा बेटा पुलिसवाला हो गया।

ये #मेहनत से चमकती है और #संघर्ष से निखरती है,

#ज़िंदगी किसी की भी हो धीरे-धीरे सजती संवरती है।

2018 को डीएसपी बने थे और बैतूल में पहली पोस्टिंग हुई थी

बता दें कि संतोष पटेल 15 फरवरी 2018 को डीएसपी बने थे और बैतूल में पहली पोस्टिंग हुई थी। वह पन्ना जिले के अजयगढ तहसील के गांव देवगांव के रहने वाले हैं। पटेल अपने सादगी भरे जीवन को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- पहली बार सतना ड्यूटी में जाते वक्त वर्दी पहनकर गांव के पास से निकला तो मां खेत पर घास छील रही थी वहीं मिलने पहुंच गया। उन्होंने एक नया वीडियो अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है।

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