शहडोल में राहुल गुप्ता ने ऑनलाइन गेम एविएटर में फंसकर लाखों के कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाई। कर्जदारों की प्रताड़ना और सोशल मीडिया गेम की लत ने युवक की जिंदगी पर भारी पड़ गया। पुलिस जांच में जुटी।

Shahdol Youth Suicide: शहडोल के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले राहुल गुप्ता (28 वर्ष) ने सोमवार की सुबह अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, राहुल अपने काम और आम जिंदगी में संतुलन बनाए रखने के बजाय ऑनलाइन गेम एविएटर के चंगुल में फंस गया। करोड़पति बनने की चाह में उसने लाखों रुपए का कर्ज ले लिया और धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

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कर्ज देने वाले लोग लगातार राहुल से मांग रहे थे अपने पैसे

सोहागपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। राहुल के परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, कर्ज देने वाले लोग लगातार राहुल से पैसे मांगते रहे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। यह भी सामने आया कि शहडोल जिले में सूदखोरी का व्यापार भी काफी सक्रिय है और इसी कारण लोग कई बार प्रताड़ना के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं।

लाखों का कर्ज और लगातार प्रताड़ना-क्या यही वजह थी?

जानकारी के अनुसार राहुल गुप्ता हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रीवा होटल के सामने स्थित सिपला कंपनी में एम आर के तौर पर कार्यरत था। सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम की दुनिया में उसने अचानक खुद को तेज़ी से अमीर बनने की चाहत में फंसा पाया। इस दौरान उसने कई वित्तीय संस्थाओं और व्यक्तियों से लाखों रुपए का कर्ज लिया। जैसे ही कर्जदारों ने लगातार दबाव डालना शुरू किया, राहुल मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट गया। स्थानीय लोग और पड़ोसी बताते हैं कि उसे लगातार फोन और संदेशों के जरिए धमकियां और प्रताड़ना मिल रही थी। इसी मानसिक तनाव के चलते उसने यह दर्दनाक निर्णय लिया।

क्या ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया युवाओं के लिए खतरा बन रहे हैं?

शहडोल में यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या सोशल मीडिया गेम्स और ऑनलाइन एप्स युवाओं के लिए खतरा बन रहे हैं? करोड़पति बनने के लालच में लोग कैसे कर्ज और मानसिक दबाव में फंस जाते हैं। इस मामले ने यह भी उजागर किया कि सूदखोरी और उधारी का दबाव किस तरह युवाओं की जिंदगी को प्रभावित कर सकता है। पुलिस अधिकारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि राहुल ने अपने घर में ही पंखे से फांसी लगाई। प्रारंभिक जांच में यही संकेत मिल रहे हैं कि मुख्य कारण कर्ज और प्रताड़ना था। पुलिस अब परिवार और कर्जदाताओं के बयान दर्ज कर मामले की पूरी छानबीन कर रही है।

शहडोल में समुदाय की प्रतिक्रिया-लोग क्या कह रहे हैं?

घटना के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लोग मौके पर इकट्ठा हुए और राहुल के माता-पिता को सांत्वना दी। लोग इस दर्दनाक घटना पर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि ऑनलाइन गेम्स युवाओं के लिए मानसिक जाल बन चुके हैं, वहीं अन्य लोग सूदखोरी के सामाजिक खतरे की बात कर रहे हैं। राहुल कुंवारा था और अपने माता-पिता के साथ रहता था। इस घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे कॉलोनी को झकझोर दिया है।