मध्य प्रदेश के उज्जैन के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में नकल रोकने पर कैंपस में घुसे नकाबपोशों से भिड़ने वालीं प्रिंसिपल को खुद यकीन नहीं हो पा रहा है कि उनमें इतनी हिम्मत कहां से आई थी? हुआ यूं था कि एग्जाम के बीच दो नकाबपोशों ने हमला किया था।

उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में नकल रोकने पर कैंपस में घुसे नकाबपोशों से भिड़ने वालीं प्रिंसिपल को खुद यकीन नहीं हो पा रहा है कि उनमें इतनी हिम्मत कहां से आई थी? हुआ यूं था कि एग्जाम के बीच लॉ कॉलेज में घुसने की कोशिश कर रहे दो नकाबपोश लड़कों को रोक दिया गया था। एग्जाम खत्म होने के बाद उन्होंने एक असिस्टेंट प्रोफेसर ईश्वर नारायण शर्मा पर हमला कर दिया। घटना के समय प्रिंसिपल अरुणा सेठी उनके साथ थीं। वे हमलावरों पर मां भवानी बनकर टूट पड़ीं। मानों उनमें कोई दैवीय शक्ति आ गई हो।

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पढ़िए उज्जैन के लॉ कॉलेज की चौंकाने घटना के बाद प्रिंसिपल ने क्या कहा?

प्रिंसिपल अरुणा सेठी ने कहा कि घटनावाले दिन यानी मंगलवार(28 फरवरी) को कॉलेज में एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम था। जब एग्जाम चल रहा था, तब कुछ बाहरी लोगों ने एग्जाम हॉल में घुसने की कोशिश की। लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर ईश्वर नारायण शर्मा ने उन्हें रोक दिया। एग्जाम खत्म होने के बाद टीचर्स नेक्स्ट पेपर की तैयारियां कर रहे थे। शाम करीब 6.30 बजे सब अपने-अपने घर के लिए निकले। तभी कैम्पस में दो नकाबपोश(इनकी पहचान सौरभ नागर और राहुल सोलंकी के रूप में हुई) वहां पहुंचे और शर्मा पर हमला कर दिया। उन्होंने अपनी बाइक से शर्मा की बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया।

प्रिंसिपल ने बताया कि इस बीच उन्होंने अपनी स्कूटी खड़ी करके उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे हमला कर चुके थे। प्रिंसिपल की उम्र 59 साल की है। उनमें हिम्मत नहीं थी कि वे दो लड़कों से भिड़ सकें। लेकिन वे अपने साथी टीचर को पिटते भी नहीं देख सकती थीं।

प्रिंसिपल कहती हैं कि पता नहीं अचानक से उनमें कहां से ऐसी दैवीय शक्ति आ गई कि उन्होंने एक बदमाश को पीछे से पकड़कर पटक दिया। इस बीच दूसरे साथी टीचर भी बीचबचाव करने आ पहुंचे थे, लेकिन बदमाश शर्मा को पटककर मुक्के मारे जा रहे थे। प्रिंसिपल ने कहा कि वे करीब 10 मिनट तक बदमाशों पर हावी रहीं। उन्हें खुद समझ नहीं आया कि उनमें इतनी हिम्मत कहां से आई?

अरुणा सेठी ने बताया कि वे जब पढ़ती थीं, तब राजस्थान की बास्केटबॉल टीम की कैप्टन हुआ करती थी। यही वजह है कि वे अपनी टीम की मदद से पीछे नहीं हटतीं।

पुलिस ने किया था गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस तुरंत एक्टिव हुई और बुधवार देर रात ही आरोपी सौरभ पिता सुधीर नागर निवासी ऋषिनगर और राहुल पिता भारत सिंह सोलंकी निवासी सुदर्शननगर को दबोच लिया। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने के मुताबिक आरोपी गलतफहमी में मारपीट होना बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें कॉलेज में एंट्री से रोका था, इससे वे भड़क उठे। पकड़े गए आरोपियों के पंवासा और नानाखेड़ा थाने में एक-एक आपराधिक रिकॉर्ड है। ये प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में वसूली देखते हैं। क्लिक करके पढ़ें पूरी डिटेल्स

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