शिव सेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा है कि उन्हें भाजपा का मुख्यमंत्री मंजूर है। सरकार बनाने में कोई बाधा नहीं आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर फैसला मंजूर होगा।

मुंबई। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा है कि उन्हें भाजपा का मुख्यमंत्री मंजूर है। वह नई सरकार बनाने में कोई बाधा नहीं आने देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर फैसला उन्हें मंजूर है।

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ठाणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिंदे ने कहा, "शानदार जीत के लिए जनता का धन्यवाद। बड़ी संख्या में लोगों ने हमारा साथ दिया। हमारे काम का नतीजा दिख रहा है। आम आदमी को क्या परेशानी आती है, मैं समझता हूं। मैंने कभी सीएम बनकर काम नहीं किया। मैं हमेशा आम आदमी जैसा रहकर काम किया। MVA के समय के रुके काम हमने किए।"

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उन्होंने कहा, "हम मिलकर काम करने वाले लोग हैं। मैं महाराष्ट्र की जनता के लिए काम करूंगा। हमारी लाडली बहनें खुश हैं। मेरी पहचान लाडले भाई के रूप में बन गई है। यह सभी पदों से बढ़कर है। लोगों को लगता है कि हमारे बीच के सीएम हैं। मैं हर व्यक्ति से मिलता हूं। हमारी लोकप्रियता बढ़ी है। हमारी बहनों ने छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने पूरा सपोर्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह का साथ मिला। ढाई साल में हमने खूब काम किया।" 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर फैसला होगा मंजूर

शिंदे ने कहा, “महायुति मजबूत बनी है। हमारी जिम्मेदारी बड़ गई है। महायुति और तेजी से काम करेगी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे। कल मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। अमित शाह को भी फोन किया। मैंने कहा कि सरकार बनाने को लेकर हमारी तरफ से कोई अड़चन नहीं है। आप फैसला लीजिए। मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के नेता जो फैसला लेंगे शिवसेना उसका पूरा समर्थन करेगी। मुझे सीएम पद की लालसा नहीं है। मुझे बीजेपी का सीएम मंजूर है। भाजपा जिसे सीएम बनाएगी मुझे मंजूर होगा।”

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को मिली है बड़ी जीत

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। 288 सीटों पर चुनाव हुए। भाजपा को 132, शिव सेना (एकनाथ शिंदे) को 57 और एनसीपी (अजीत पवार) को 41 सीटों पर जीत मिली। तीनों पार्टियों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। इनकी कुल सीट संख्या 230 है। बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिव सेना 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की एनसीपी 10 सीटें ही जीत सकी।

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