Rajasthan infrastructure development: राजस्थान में 81.11 करोड़ की लागत से 20 नए अटल प्रगति पथ बनेंगे। यह ग्रामीण इलाकों को विकास से जोड़ेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

Rajasthan Atal Pragati Path: राजस्थान सरकार ने राज्य की आधारभूत संरचना को मज़बूती देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने हाल ही में घोषणा की कि राज्य में 81.11 करोड़ रुपये की लागत से 20 नए अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 49.10 किलोमीटर होगी। यह योजना ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को सीधे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगी।

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‘अटल प्रगति पथ' योजना: गांवों को मिलेगा नया जीवन

राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य है कि ग्रामीण परिवहन को सुलभ, सुरक्षित और आधुनिक बनाया जाए। दीया कुमारी ने बताया कि अब तक राजस्थान में कुल ₹574.11 करोड़ की लागत से 700.12 किलोमीटर लंबाई के 269 अटल प्रगति पथ स्वीकृत किए जा चुके हैं।

विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम

यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को धरातल पर उतारने का एक प्रभावशाली प्रयास है। जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की निगरानी में इस योजना को लगातार गति दी जा रही है।

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सड़कें ही नहीं, आर्थिक प्रवाह भी होगा तेज

सड़क निर्माण का सीधा असर स्थानीय रोज़गार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। 'अटल प्रगति पथ' के ज़रिए अब गांवों तक पहुंचना और वहां से माल-सेवाओं का आवागमन पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकेगा।

आधुनिक तकनीक से बनेगी टिकाऊ सड़कों की नई मिसाल

इन सड़कों को आधुनिक निर्माण तकनीकों से बनाया जाएगा, जिससे उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन दोनों सुनिश्चित होंगे। इससे रख-रखाव का खर्च भी कम होगा और वर्षों तक इन रास्तों पर निर्बाध आवागमन संभव रहेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से कृषि, पशुपालन और लघु उद्योगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह पहल राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक ठोस कदम है।

‘अटल प्रगति पथ’ योजना राजस्थान के लिए सिर्फ एक सड़क निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक-सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बन चुकी है। यह पहल साबित करती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो विकास की राहें भी खुद-ब-खुद बनती चली जाती हैं।

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