चौमूं में थाना इंचार्ज ने मंदिर निर्माण के लिए आम न खाने की कसम खाई, जिसके बाद जनता ने तीन दिन में सवा करोड़ रुपये जुटा दिए। लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए यह एक अनोखी पहल साबित हुई।

चौमूं (जयपुर)। एक ईमानदार संकल्प, जन सहयोग और आस्था का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है जैसा कि चौमूं के श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार अभियान में देखने को मिला। यहां के थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा द्वारा "जब तक एक करोड़ रुपये मंदिर निर्माण के लिए एकत्र नहीं होते, तब तक आम नहीं खाऊंगा" की गई प्रतिज्ञा ने पूरे शहर को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। तीन दिन पहले मंदिर परिसर में आयोजित बैठक के दौरान थाना इंचार्ज ने घोषणा की थी कि जब तक एक करोड़ रुपये एकत्र नहीं होंगे, वे अपना प्रिय फल आम नहीं खाएंगे। उनकी इस घोषणा ने लोगों को गहराई से प्रभावित किया और देखते ही देखते यह प्रतिज्ञा जन-आंदोलन में बदल गई। सिर्फ तीन दिनों में चौमूंवासियों ने सवा करोड़ रुपये की राशि एकत्र कर दी।

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आम खिलाकर इंस्पेक्टर का व्रत तुड़वाया

इसके बाद मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान लक्ष्मीनाथ को आम अर्पित किए गए और थाना इंचार्ज प्रदीप शर्मा को आम खिलाकर उनका व्रत तुड़वाया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और पुजारी वर्ग की उपस्थिति रही और पूरे आयोजन ने एकता, श्रद्धा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

ऐतिहासिक काम की हुई शुरूआत

जीर्णोद्धार कमेटी का गठन और भूमि दान इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर निर्माण के लिए "श्री लक्ष्मीनाथ जीर्णोद्धार समिति" का गठन किया गया। संरक्षक पद पर प्रदीप शर्मा, सत्यनारायण बांसावाले और डॉ. ओमप्रकाश धमोड़ को चुना गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मातादीन अग्रवाल को सौंपी गई, जबकि गोयल परिवार के ओमप्रकाश गोयल को सदस्य बनाया गया। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय बात रही गोयल परिवार द्वारा मंदिर निर्माण हेतु भूमि दान करना। स्व. गणेश नारायण गोयल की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिजनों ने मंदिर के लिए भूमि भेंट की, जिसके लिए समिति व पुजारी परिवार ने उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया।