राजस्थान के चूरू ज़िले के एक सरकारी अस्पताल में बिजली गुल होने पर मरीज़ों का इलाज मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की आलोचना हो रही है और कांग्रेस ने इसे 'फेल पर्ची सरकार' बताया है।

चुरू. राजस्थान में सरकार मेडिकल डिपार्टमेंट को 27000 करोड रुपए का बजट देती है। लेकिन उसके बाद भी सिस्टम है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। एक ताजा वीडियो और ऐसी तस्वीर सामने आई है जो बेहद शर्मनाक है। जहां चूरू जिले के एक सरकारी अस्पताल में मरीजों का इलाज अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया। जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

स्टॉफ ने दिखाई मोबाइल टॉर्च और डॉक्टर ने किया इलाज

 वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल में बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अपने मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह दृश्य राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया है, खासकर तब जब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहले से ही आलोचनाएँ बढ़ी हुई हैं।

कांग्रेस बोली-यह तो "फेल पर्ची सरकार"

वायरल वीडियो के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को घेरते हुए उसे "फेल पर्ची सरकार" करार दिया। कांग्रेस ने कहा कि यह घटना राज्य की बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की खराब स्थिति को उजागर करती है और यह बताती है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने में पूरी तरह से असफल हो चुकी है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस घटना की पूरी जांच की जाए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

हंगामे के बाद मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट 

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अस्पताल में बिजली की समस्या अस्थायी थी और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि, विपक्षी दलों के आरोपों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट भी मांगी है।

यह लगती सरकार के लिए पड़ेगी भारी

इस वीडियो के वायरल होने से राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, और यह राज्य सरकार के लिए एक और चुनौती बन सकता है। राज्य के कई हिस्सों में अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की कमी और खराब व्यवस्थाएं पहले भी चर्चा का विषय रही हैं।

यह भी पढ़ें-किराए के घर में रहते तो सरकार हर महीने देगी इतने हजार रुपए, कैसे मिलेगा पैसा?