कहते हैं पति-पत्नी का बंधन सात जन्मों कै होता है।सुख-दुख में साथ होते हैं। राजस्थान में एक पति-पत्नी की हर कोई तारीफ कर रहा है। जो पूरी जिंदगी एक साथ जिए, हर सुख-दुख में साथ दिया…अब अंत समय आया तो दोनों एक साथ दुनिया को अलविदा कह गए।

जोधपुर. राजस्थान का ये कपल अचानक चर्चा में आ गया है। बिना शर्त प्यार क्या होता है..... कोई इस इनसे से सीखे। पति 94 साल के थे और पत्नी 92 की। पति अस्पताल में भर्ती हुए, कुछ घंटों के बाद दोनों के मौत की खबर आई। पत्नी को खबर दी गई तो उन्होनें कमरे में रखी पति की तस्वीर की तरफ देखा और पांच मिनट के बाद ही शरीर छोड़ दिया। दोनो का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। कुछ दिन पहले ही दम्पत्ति ने 75वीं मैरिज एनिवर्सरी मनाई थी। पूरा परिवार और समाज इस आयोजन में जुटा था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

हर काम मिलकर करते थे साथ...अब दुनिया भी साथ छोड़ी

हम बात कर रहे हैं जोधपुर जिले के वॉल सिटी यानी पुराने शहर इलाके में रहने वाले कपल लक्ष्मण सिंह भाटी और शांति देवी की। त्रिपोलिया बाजार इलाके में रहने वाले लक्ष्मण सिंह करीब 34 साल पहले रेलवे से रिटायर हो गए थे। उसके बाद से नियमित तौर पर पत्नी के साथ मंदिर जाना, समाज से जुड़े मामलों में भाग लेना, परिवार की देखभाल करना.... यही उनका रूटीन था। पांच बेटे.... एक बेटी, उनके कई बच्चों के बीच पति और पत्नी अपने दिन गुजार रहे थे। लेकिन करीब दो साल पहले एक हादसे की वजह से शांति देवी बेड रेस्ट पर आ गईं। उनकी देखभाल के चलते लक्ष्मण सिंह ने भी घर से निकलना छोड़ दिया। परिवार समझाता लेकिन वे पत्नी को छोड़कर कहीं नहीं जाते थे।

दोनों ने मनाई थी शादी की 75वीं एनिवर्सरी

दो सप्ताह पहले परिवार के दबाव देने पर पति-पत्नी की 75वीं एनिवर्सरी मनाई गई थी। लेकिन शुक्रवार शाम लक्ष्मण सिंह को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल ले जाया गया। निजी अस्पताल में शनिवार को उनकी मौत हो गई। बच्चों ने मां शाति देवी को भी इसकी जानकारी दी तो पांच मिनट बाद ही मां शांति देवी ने भी शरीर छोड़ दिया। इस कपल की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। लोगों का कहना है कि एक तरफ शादी के कुछ दिनों बाद ही छोटी मोटी समस्याओं के चलते कपल अलग हो रहे हैं और एक ये कपल हैं जिनमें इतना प्यार था कि 75 साल साथ रहे और फिर एक साथ दुनिया छोड़ गए.....।