राजस्थान के जयपुर में हुई सनसनीखेज वारदात हुई। जहां दोस्तों ने ही युवक को खौफनाक मौत देते हुए हाथ- पांवों को चकनाचूर किया फिर चाकूओं से पूरा शरीर गोद दिया। हैरानी तो ये रही की दिल दहलाने वाले मर्डर को पुलिस ने मर्ग का केस दर्ज कर बंद की फाइल।
जयपुर(Jaipur). राजधानी जयपुर में जघन्य हत्याकांड का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के निवासी एक युवक को जयपुर के प्रताप नगर में चाकू से गोद दिया गया। दोस्त के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने और दोस्त को उपहार देने के लिए युवक ने अपने मालिक से रुपए भी लिए थे और दोस्त के लिए उपहार भी लिया था। लेकिन उसके दोस्ती के बदले में मौत मिली। मामला प्रताप नगर पुलिस थाने दर्ज हुआ है।
पहले चाकू से केक काटा फिर उसी से गोद दिया दोस्त का शरीर
जिस चाकू से केक काटा गया वही चाकू युवक के शरीर में कई बार घोंपा गया। उसे इतना पीटा गया कि उसके दोनो पैर कई जगहों से टूट गए और हाथ की हड्डी चकनाचूर हो गई। पुलिस ने इतने गंभीर केस को साधारण मर्ग का केस बनाकर निपटा दिया। लेकिन डीसीपी ईस्ट राजीव पचार से मिलने के बाद परिवार को संबल मिला और हत्या की धारा में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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5साल पहले यूपी से कमाने राजस्थान आया, अब घर पहुंची लाश
केस दर्ज कराने वाले सरताज के भाई साबिर ने बताया कि भाई चार से पांच साल पहले जयपुर आया था काम की तलाश में। जयपुर के सीतापुरा में सिलाई की फैक्ट्री में काम मिला और वहां पर कई दोस्त बने। लेकिन इस दौरान भाई सरताज गलत लोगों की संगत में भी आ गया। उसे कई बार समझाया और यूपी वापस भी बुला लिया। लेकिन वह कुछ दिन बाद फिर से जयपुर आ गया। जयपुर में एक बार झगड़ा हुआ और इस झगड़े के कारण उसका हाथ टूट गया। उसका दिल्ली तक इलाज कराया और वापस यूपी बुला लिया। लेकिन उसके साथियों के फोन लगातार उसके पास आते रहे और वह वापस जयपुर आकर काम करने लगा।
मालिक से पैसे ले दोस्त को बर्थडे में गिफ्ट देने गया, बदले में मिली खौफनाक मौत
पता चला कि एक जनवरी को उसके साथी किशन का जन्मदिन हैं । ऐसे में उसने अपने मालिक से पांच सौ रुपया लिया ओर किशन के जन्मदिन की पार्टी में चला गया। वहां पर चाकू से केक काटा गया। उसके बाद उसी चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। उसे चाकुओं से गोद दिया गया। हाथ और दोनो पैर तोड़ दिए गए। हमे अगले दिन सूचना मिली पुलिस से। जयपुरिया अस्पताल में लाश देखी तो पता चला कि उसकी निर्मम हत्या की गई है। उसके सही सलामत देखने की आखिरी बार बर्थ डे की ही फोटो हमारे पास है। जबकि पुलिस ने मामला मर्ग मानकर बंद करने की तैयारी कर ली थी।
डीसीपी के दखल के बाद दर्ज हुआ हत्या का केस
बाद में डीसीपी पूर्व से मिले तो उनकी दखल के बाद अब प्रताप नगर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। सरताज के भाई साबिर ने बताया कि किशन, मनोज, शिवा मीणा आदि ने मिलकर हत्या की है। बेटे की मौत के बारे में सुनकर मां की हालत भी खराब हो गई। उनको एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे गहरे सदमें में है। प्रताप नगर पुलिस ने अब बीती रात हत्या की धारा में केस दर्ज किया है और अब जांच एसएचओ मानवेन्द्र सिंह कर रहे हैं।
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