जोधपुर में मंगलवार रात तेज धमाकों की आवाज से मचा हड़कंप। मंडोर और बनाड़ इलाके के लोगों ने भूकंप समझकर घर छोड़े। बाद में सामने आया कि यह भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट का सोनिक बूम था, जो रूटीन उड़ान के दौरान हुआ।

जोधपुर: मंगलवार रात को जोधपुर के मंडोर और बनाड़ इलाकों में अचानक हुए तेज धमाकों ने पूरे शहर को दहला दिया। रात का सन्नाटा कुछ ही पलों में अफरा-तफरी में बदल गया। कई घरों के लोग डर के मारे बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए, जिनमें धमाके की आवाज़ इतनी तेज थी कि लोग भूकंप समझ बैठे। लेकिन कुछ घंटे की जांच के बाद जो सामने आया, उसने सभी को राहत की सांस दिलाई, दरअसल यह कोई धमाका नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट का सोनिक बूम था।

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पुलिस ने की देर रात छानबीन, कोई नुकसान नहीं मिला

मंडोर थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई ने बताया कि धमाके की आवाज़ सुनते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके की गहन जांच की गई। देर रात तक यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई विस्फोट या नुकसान तो नहीं हुआ। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बाद में पता चला कि यह आवाज वायुसेना के लड़ाकू विमान के तेज रफ्तार उड़ान के दौरान साउंड बेरियर टूटने से उत्पन्न हुई थी।

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वायुसेना ने दी सफाई, रूटीन उड़ान के दौरान हुआ सोनिक बूम

भारतीय वायुसेना की आधिकारिक हैंडल IDU (Indian Defence Updates) की ओर से “X” पर पोस्ट कर बताया गया कि यह धमाका किसी हमले या हादसे के कारण नहीं, बल्कि रूटीन उड़ान के दौरान हुआ सोनिक बूम था। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

क्या होता है सोनिक बूम?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की गति (लगभग 332 मीटर प्रति सेकंड) से तेज उड़ान भरता है, तो हवा का दबाव अचानक टूटता है — इसे ही साउंड बेरियर ब्रेक करना कहते हैं। इसके परिणामस्वरूप तेज धमाके जैसी आवाज़ सुनाई देती है, जिसे सोनिक बूम कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब विमान की गति लगभग 1200 किमी प्रति घंटा या उससे अधिक हो जाती है।

पश्चिमी सीमा पर चल रहा ऑपरेशन 'त्रिशूल'

इन दिनों पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन त्रिशूल युद्धाभ्यास चल रहा है। इसमें जोधपुर बेस से भी कई लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार रात बाहरी इलाके में इन विमानों ने जब उच्च गति पकड़ी, तभी यह सोनिक बूम सुनाई दिया।

आबादी वाले इलाके में साउंड बेरियर तोड़ने की अनुमति नहीं

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पायलटों को रिहायशी इलाकों के ऊपर साउंड बेरियर ब्रेक करने की अनुमति नहीं होती। इस बार भी यह घटना संभवतः बाहरी इलाके में हुई, जहां जनसंख्या कम है। बताया जा रहा है कि यह तेज धमाके 100 किलोमीटर दूर तक सुने गए।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

मार्च 2019 में भी जोधपुर में इसी तरह के तेज धमाकों की आवाज़ सुनाई दी थी, जो बाद में सोनिक बूम ही निकली थी। उस समय भी लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई थी।

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