Nepal Violence News : नेपाल में विरोध प्रदर्शन और हिंसा में राजस्थान के बयाना से विधायक ऋतु बनावत अपने पति समेत नेपाल में फंसी हैं। इसी बीच काठमांडू में फंसे क कारोबारी ने वहां के भयावह हालतों को बयां किया है।

Nepal Violence Today News :नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई है। आम लोगों के अलावा राजस्थान की महिला विधायक ऋतु बनावत भी हैं, जो इस वक्त नेपाल की आशांति के बीच फंसी हैं। उन्होंने एक वीडियो जरिए सीएम भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बातचीत की और वहां का हालात भी बताए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह भी पढ़ें- India-Nepal Border Alert: नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई, हर आने-जाने वाले की हो रही सख्त तलाशी

राजस्थान के बयाना से विधायक का पूरा दल नेपाल में फंसा

दरअसल, ऋतु बनावत राजस्थान के बयाना से विधायक हैं। जो कुछ समय पहले अपने पति के साथ 3 से 11 सितंबर तक कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। उनके साथ दल में करीब 98 लोग और हैं। लौटते वक्त नेपाल में हुई हिंसा के कारण उनके दल को नेपाल-चीन बॉर्डर के पुरांग गांव में रोक दिया है। विधायक ने कहा-अगर हालात ठीक रहे तो वह संभवत कल यानि गुरुवार को काठमांडू से भारत के लिए रवाना होंगी।

यह भी पढ़ें-Nepal Violence : डरे सहमे-चीखते बच्चे, काठमांडू की होटल में फंसे MP के 4 परिवार का बुरा हाल

बाड़मेर के कारोबारी ने सुनाया नेपाल का भयावह मंजर

विधायक बनावत के अलावा राजस्थान के बाड़मेर के कारोबारी पकंज चितारा का दल भी काठमांडू में फंसा हुआ है। चितारा भी कैलाश मानसरोवर यात्रा गए थे। लेकिन लौटते वक्त उनको भी रोक दिया गया है। कारोबारी ने वीडियो कॉल करके काठमांडू के खराब हालातों के बारे में जानकारी देते हुए कहा-इस वक्त नेपाल अपने सबसे बुरे वक्त में है। काठमांडू में चारों तरफ तबाही मची है, जहां देखो वहां आगजनी और हिंसा हो रही है। हम बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है, ना ही किसी से बात कर पा रहे हैं। बस, फोन पर दोस्तों और परिवार से बात हो रही है, इसी फोन के जरिए यहां के हालात बताए हैं। अभी हम सुंदरा इलाके में एक होटल में है। सरकार हमे यहां से जल्द निकाले। एक तरफ हमें जहां कैलाश मानसरोवर यात्रा करने की खुशी थी, लेकिन अब खुशी की बजाय माहौल डर में बदल गया है।