राजस्थान में दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र में 9वीं के छात्र ने होमवर्क से बचने के लिए ऐसी कहानी बनाई कि सिपाही से लेकर एसपी साहब तक की परेड करा दी।
दौसा. राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र में एक 9वीं कक्षा के छात्र ने खुद के अपहरण की चौंकाने वाली कहानी गढ़ी। लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो हकीकत कुछ और ही निकली। सुबह-सुबह मची सनसनी घटना की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई, जब छात्र घर से स्कूल के लिए निकला। लेकिन कुछ ही देर बाद वह घबराया हुआ वापस लौटा और परिजनों को बताया कि दो बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश की। छात्र की इस बात से परिवार में हड़कंप मच गया। मामले का खुलासा कल रात को हुआ।
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अपहरण का सनसनीखेज दावा, सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल!
- परिजनों के मुताबिक, 500 मीटर दूर गली में एक सफेद वैन खड़ी थी, जिसमें दो नकाबपोश लोग बैठे थे। जैसे ही छात्र वहां पहुंचा, बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। लेकिन उसकी चीख-पुकार सुनकर एक राहगीर ने मदद की, जिससे बदमाश भाग निकले।
- अपहरण की सूचना मिलते ही बांदीकुई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन अपहरण जैसी कोई घटना नजर नहीं आई। ना तो कोई सफेद वैन मिली और ना ही किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी देखी गई। जब पुलिस को मामला संदिग्ध लगा, तो उन्होंने छात्र से गहन पूछताछ की।
होमवर्क नहीं करने पर गढ़ी कहानी…
- पूछताछ के दौरान छात्र ने आखिरकार सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसका होमवर्क अधूरा था और वह टीचर की डांट से बचना चाहता था। इसी डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।
- छात्र के पिता सुजानगढ़ के पास एक मंदिर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं, जबकि ताऊ एक निजी स्कूल में टीचर हैं। स्कूल घर से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन छात्र कई दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था।
- थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने बताया कि बच्चे को समझाया गया है कि ऐसे झूठे दावे कानूनन अपराध की श्रेणी में आते हैं। पुलिस ने परिजनों से अनुरोध किया कि वे बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान दें और इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए उसे उचित मार्गदर्शन दें।


