सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के रैन बसेरों का निरीक्षण कर जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति ठंड में खुले में न रहे। रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था को मजबूत करने के आदेश दिए गए।

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरतमंदों को शीतलहर से बचाने और सम्मानजनक आश्रय देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। साथ ही तहसीलों और नगर निकायों को ऊनी वस्त्र, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई है।

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बुधवार देर शाम/रात गोरखपुर महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद सीएम योगी मीडिया से बात कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जरूरतमंद को रैन बसेरे में अच्छी सुविधा मिले। सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। जिनके पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया जाए।

रेलवे स्टेशन और झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन और झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण किया और वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अपने हाथों से जरूरतमंदों को कंबल और भोजन भी वितरित किया। रेलवे स्टेशन के बाहर भी सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल और भोजन देकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

रैन बसेरों में ठहरे लोगों से आत्मीय संवाद

सीएम योगी ने रैन बसेरों में रुके सभी लोगों का हालचाल लिया और उनसे आत्मीय बातचीत की। यहां देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा और पूर्वांचल के अन्य क्षेत्रों के लोग थे। कुछ लोग परीक्षा देने आए थे, कुछ उपचार कराने, तो कुछ रोजगार की तलाश में। बिहार से आए लोग भी रैन बसेरों में ठहरे थे। जब मुख्यमंत्री ने उनकी जरूरतों और समस्याओं के बारे में पूछा, तो लोग भावुक हो उठे। कई लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि मुख्यमंत्री खुद उनके लिए रैन बसेरे में पहुंचकर उनकी स्थिति जान रहे हैं।

CM योगी आदित्यनाथ का संदेश: हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य, कोई भी खुले में न रहे

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण ठंड और शीतलहर से बचाव के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन मूल्यवान है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति सड़क, प्लेटफार्म या फुटपाथ पर खुले में न लेटा मिले। यदि ऐसा कोई दिखे, तो उसे रैन बसेरे पहुंचाया जाए और लगातार इसकी निगरानी की जाए।

उन्होंने बताया कि नगर निगम और तहसीलों को जरूरतमंदों को कंबल, ऊनी वस्त्र और अलाव की व्यवस्था के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जहां भी आवश्यकता हो, वहां अलाव जलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।

गोरखपुर में 14 रैन बसेरों का संचालन

मुख्यमंत्री ने बताया कि नगर निगम गोरखपुर द्वारा वर्तमान में 14 रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं, जिनमें 700 से 1000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएँ प्रभावी और संवेदनशील तरीके से आगे बढ़ाई जा रही हैं।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी, पार्षद ऋषिमोहन वर्मा, धर्मदेव चौहान सहित प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।