काशी विद्वत परिषद द्वारा ज्ञानवापी में स्थित तहखाना शब्द को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि तहखाना शब्द उचित नहीं है। उसकी जगह तलगृह का इस्तेमाल किया जाएगा।

वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित व्यास तहखाना को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। अब काशी विद्वत परिषद द्वारा तहखाना शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि तहखाना शब्द अच्छा नहीं होता है। इसकी जगह अब तलगृह का इस्तेमाल होगा। यही शब्द विभिन्न दस्तावेजों में भी लिखा जाएगा। ताकि हमेशा के लिए तहखाना शब्द की जगह व्यास तलगृह हो जाए।

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काशी विद्वत परिषद का बड़ा ऐलान

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी का कहना है कि तहखाना शब्द की जगह सरकारी रिकॉर्ड में तलगृह शब्द को लिखा जाए, इसके लिए मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने पांच नामों पर विचार किया था। जिसमें से तलगृह नाम को शास्त्र सम्मत माना है। अब हिंदू समाज ज्ञानवापी को तालगृह के नाम से ही बोल रहा है। इसे ही सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करवाया जा रहा है। इसके लिए हम प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री से भी प्रार्थना करेंगे कि इसे सरकारी दस्तावेजों में भी शामिल किया जाए। इसके लिए और भी कहीं हमको आग्रह करना पड़ेगा। निवेदन करना पड़ेगा तो करेंगे।

व्यास तहखाना में शुरू हुई पूजा, 6 तारीख को अगली सुनवाई

आपको बतादें कि ज्ञानवापी मस्जिद में कोर्ट के आदेश के बाद व्यास तहखाना में पूजा अर्चना 1 फरवरी से शुरू हो गई थी। इस मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा इलाहबाद हाईकोर्ट में एक याचिका भी लगाई थी। लेकिन उस पर सुनवाई के बावजूद पूजा अर्चना पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई। इस मामले में 6 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।

अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी द्वारा लगाई याचिका

आपको बतादें कि वाराणसी कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद में स्थित सीलंबद तहखाने में 1 फरवरी की रात को ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूजा अर्चना शुरू हो गई है। इस मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी द्वारा याचिका लगाई गई थी। जिस पर हुई सुनवाई में कोर्ट ने किसी प्रकार की राहत नहीं दी है। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 6 फरवरी तक के लिए स्थगित की गई। यानी अब 6 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।