जौनपुर में बच्चा चोर होने के शक में दो साधुओं की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। भीड़ तमाशबीन बनी रही। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाकी की तलाश जारी है।

भीड़ जब इंसानियत से बड़ी हो जाए, तो अफवाह कानून से ताकतवर बन जाती है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां बच्चा चोर होने के शक में दो साधुओं को बेरहमी से पीटा गया। सड़क पर लाठियां चलीं, हाथ जोड़कर रहम मांगा गया, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। हैरानी की बात यह रही कि तमाशबीन बने लोग मदद के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।

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साधुओं को बच्चा चोर बताकर किया हमला

घटना शनिवार दोपहर शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव स्थित हैवेल्स शोरूम के पास की है। पुलिस के अनुसार करीब आधा दर्जन लोगों ने दो साधुओं को घेर लिया और उन्हें बच्चा चोर बताकर पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपियों ने लाठी, डंडे, बेल्ट और लात-घूंसे से दोनों साधुओं पर हमला किया।

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रहम की गुहार बेकार, कानून का नहीं दिखा डर

वीडियो में दोनों साधु हाथ जोड़कर खुद को निर्दोष बताते नजर आ रहे हैं, लेकिन हमलावरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। आरोपियों के चेहरे पर कानून का डर नहीं, बल्कि भीड़ का समर्थन नजर आ रहा था। आसपास खड़े लोग बीच-बचाव करने के बजाय इस पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे।

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वीडियो वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस, चार आरोपी गिरफ्तार

मारपीट के दौरान दोनों साधु बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। संयोग से किसी ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पुलिस को टैग करते हुए पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होते ही जौनपुर पुलिस हरकत में आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायल साधुओं को अस्पताल में भर्ती कराया।

साधुओं के बयान और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच के दौरान पहचान कर अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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