यूपी के जिले कानपुर के करौली बाबा ने अब नया अजीबोगरीब बयान दिया है कि यूक्रेन-रूस के बीच हो रहे युद्ध को वह रोक सकते है। इसके लिए उनको दोनों नेताओं की याददाश्त को मिटाना होगा।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के जिले कानपुर के करौली बाबा उर्फ संतोष सिंह भदौरिया इन दिनों अपने बयानों के लिए काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। इन दिनों वह कुछ न कुछ ऐसा कह रहे हैं, जिससे नया बवाल खड़ा हो रहा है। हाल ही में उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। उनका दावा है कि अगर दोनों देशों के नेताओं की याददाश्त को मिटा दिया जाए तो युद्ध को रोका जा सकता है।

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दोनों नेताओं की यादों को मिटाकर रोकेंगे युद्ध

स्वयंभू आध्यात्मिक उपचारक संतोष सिंह भदौरिया उर्फ ​​करौली बाबा का कहना है कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर आर ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मेरे सामने आते हैं, तो मैं उनकी यादों को मिटा सकता हूं। आगे कहते है कि जब उनकी स्मृतियां मिट जाएंगी, तब क्रोध न रहेगा। किसी से डर और आशंका दूर हो जाती है, फिर झगड़े की गुंजाइश नहीं रहती। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच पिछले साल फरवरी के महीने से युद्ध जारी है। रूस लगातार यूक्रेन पर बमबारी कर रहा है।

अधिवक्ता से बात करने के बाद दर्ज कराएंगे बयान

दूसरी ओर गुरुवार की देर रात पुलिस की एक टीम ने बाबा के आश्रम का दौरा किया। हालांकि पुलिस उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी। मगर पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांचकर्ताओं ने आश्रम के आईटी प्रमुख से सीसीटीवी फुटेज मांगे, लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज हासिल नहीं कर पाई। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि बाबा ने पुलिस से कहा है कि वह अपने वकील से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अपना बयान दर्ज कराएंगे।

समाजवादी पार्टी की सरकार ने दर्ज कराए थे बयान

वहीं बाबा ने मीडियाकर्मियों से कहा कि पुलिस जांच के लिए स्वतंत्र है। पुलिस ने यहां आकर अपनी ड्यूटी की और पूछताछ की फिर वापस चले गए। मीडिया द्वारा उनके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों के बारे में पूछे जाने पर बाबा करौली का कहना है कि यह सभी मामले उनके खिलाफ समाजवादी पार्टी की सरकार ने दर्ज कराए थे। इसके अलावा राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया था।

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