उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में बाघ के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे और ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।

लखीमपुर. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में बाघ के हमले से एक इंसान की मौत होने के बाद लोगों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं।ऐसे में बाघों को पकड़ने के लिए जहां वन विभाग ने पिंजरे लगा दिए हैं, वहीं ड्रोन से उनकी निगरानी की जा रही है। 

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भेड़िए के बाद बाघ का आतंक

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश में बहराईच में हाल ही भेड़िए के आतंक से करीब 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि कई भे़डियों को वन विभाग की टीम ने पकड़ भी लिया है। ये मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि अब यूपी के लखीमपुर जिले में बाघ की दहशत फैल गई है। बताया जा रहा है कि आदमखोर बाघ ने खीरी क्षेत्र में गन्ने के खेत में अपना ठिकाना बना रखा है। इस कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि बाघ गन्ने के खेत से निकलकर कभी भी हमला कर देगा। वन विभाग द्वारा आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए चार पिंजरे भी लगा दिए गए हैं। वहीं 24 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि बाघ को किसी भी तरह पकड़ा जा सके।

स्कूल जाने से डर रहे बच्चे

बाघ के खौफ के कारण लोग अपने घरों से अकेले नहीं निकल रहे हैं, बच्चे भी स्कूल जाते हैं तो ग्रुप बनाकर जाते हैं। उनके हाथों में डंडे रहते हैं ताकि अचानक बाघ नजर आए तो अपना बचाव कर सके, वन विभाग द्वारा गन्ने के खेत के पास बाघ के पैरों के निशान देखे गए हैं, हालांकि अभी तक बाघ को पकड़ नहीं जा सका है। वन विभाग बाघ की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग भी कर रहा है। 

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