Yogi Adityanath KGMU projects: KGMU में 700 करोड़ रुपये से बनेंगे नए भवन, हृदय, हड्डी और आपातकालीन सेवाओं में होगा विस्तार। लखनऊ ही नहीं, पूर्वांचल के मरीजों को भी मिलेगा फायदा।

Lari Cardiology new block Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर मेडिकल सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने जा रही है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही केजीएमयू को दिल, हड्डी और आपात चिकित्सा सेवाओं से जुड़े अत्याधुनिक भवनों की सौगात देने वाले हैं। इससे न केवल राजधानी के लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि पूर्वांचल और आसपास के जिलों से आने वाले हज़ारों मरीजों को भी राहत मिलेगी।

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क्यों खास है नया कार्डियोलॉजी भवन?

लॉरी कार्डियोलॉजी विभाग के नए 10 मंजिला भवन का निर्माण दिल के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा। फिलहाल यहां 84 बेड ही उपलब्ध हैं, लेकिन नए भवन के शुरू होने के बाद इसमें 96 अतिरिक्त बेड जोड़ दिए जाएंगे, जिससे कुल क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी।

इस भवन में दो अत्याधुनिक कैथ लैब बनेंगी, जिनमें हृदय संबंधी जटिल सर्जरी संभव होंगी। खास बात यह है कि नीचे की चार मंजिलें मल्टीलेवल पार्किंग के लिए होंगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को पार्किंग की समस्या से भी राहत मिलेगी।

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हड्डी रोगों का इलाज अब एक ही छत के नीचे

क्या आप जानते हैं कि अब केजीएमयू में हड्डियों से जुड़ी सभी समस्याओं का इलाज एक ही जगह मिलने वाला है? करीब 86 करोड़ रुपये की लागत से 8 मंजिला "सेंटर फॉर ऑर्थोपेडिक एंड सुपर स्पेशियलिटी" भवन बनाया जा रहा है, जिसमें कुल 340 बेड होंगे।

इस भवन में न केवल जांच और इलाज होगा, बल्कि मरीजों के लिए 24 प्राइवेट रूम और 24 ICU बेड की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यहां ऑर्थोपेडिक सर्जरी, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स और स्पोर्ट्स मेडिसिन जैसे विशेष विभाग होंगे। बोन बैंक, रेडियोडायग्नोसिस, पैथोलॉजी सेंटर, सिटी स्कैन और एक्स-रे जैसी सुविधाएं इस सेंटर को पूरी तरह आधुनिक बनाएंगी।

आपात स्थितियों में मिलेगी तेज़ और बेहतर सेवा

सीएम योगी आदित्यनाथ ट्रॉमा-2 भवन का शिलान्यास भी करेंगे, जिसकी लागत लगभग 296 करोड़ रुपये है। यह नया ट्रॉमा सेंटर 500 बेड्स की क्षमता वाला होगा और यहां आने वाले गंभीर मरीजों को तुरंत राहत मिलेगी। अभी केजीएमयू के पुराने ट्रॉमा सेंटर में 466 बेड ही हैं।

इस नई सुविधा में एक पेसेन्ट यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तेजी से आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी।

क्या बदलेगा इन परियोजनाओं के बाद?

इन सभी योजनाओं के पूरा होने के बाद केजीएमयू न केवल यूपी बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक सुपर स्पेशियलिटी हब के रूप में और मजबूत होगा। मरीजों की लंबी कतारें घटेंगी, इलाज का स्तर बेहतर होगा और सुविधाओं की उपलब्धता अधिक व्यापक होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इन परियोजनाओं का शिलान्यास होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ वर्षों में ये सभी सुविधाएं जनता को समर्पित कर दी जाएंगी। लखनऊवासियों के लिए यह एक बड़ा कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की शुरुआत का संकेत देता है।

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